सिंघाडे में है औषधीय गुण

 

सिंघाडे को  Trapa Bispinosa  भी कहा जाता है। यह त्रिकोने आकार का फल होता है । यह स्वास्थ के लिए पौष्टिक और विटामिन युक्त फल है। सिंघाडे का प्रयोग कच्चा और पका कर दोनों ही रूपों में किया जाता है। साथ ही सिंघाड़े का आटे का प्रयोग भी किया जाता है। सिंघाडे में विटामिन ए, बी और सी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। यह खनिज लवण और कार्बोहाइड्रेट युक्त भी होता है। अब जानते हैं क्या हैं सिंघाड़े में छिपे हुए आयुर्वेदिक गुण जो आपके स्वास्थ को लाभ पहुंचा सकते हैं।

सिंघाडे़ के लाभ-

जो लोग अस्थमा के रोगी हैं उनके लिए सिंघाड़ा वरदान से कम नहीं है। अस्थमा के रोगीयों को 1 चम्मच सिंघाड़े के आटे को ठंडे पानी में मिलाकर सेवन करना चाहिए। एैसा नियमित करने से अस्थमा रोग में लाभ मिलता है।
 
 
बवासीर के रोग में सिंघाड़े के सेवन से लाभ मिलता है। यदि सूखे या खूनी बवासीर हो तो आप नियमित सिंघाड़े का सेवन करें। जल्द ही बवासीर में कमी आयेगी और रक्त आना बंद हो जाएगा।
 
  
वे महिलाएं जिनका गर्भाशय कमजोर हो वे सिंघाड़े का या सिंघाडे़ का हल्वे का सेवन नियमित करती रहें। लाभ मिलेगा।
 
  
सिंघाड़े की बेल को पीसकर उसका पेस्ट, शरीर में जलन वाले स्थान पर लगाने से जलन कम हो जाती है। और लाभ मिलता है।
 
यदि मांसपेशियां कमजोर हैं या शरीर में दुर्बलता हो तो आप नियमित सिंघाड़े का सेवन करें एैसा करने से शरीर की दुर्बलता और कमजोरी दूर होती है।

जिन महिलाओं को मूत्र संबंधी रोग है वें सिंघाड़े का आटा ठंडे पानी में लें।
 
  
सिंघाड़ा पित्त और कफ को खत्म करता है। इसलिए सिंघाड़े का नियमित सेवन करना चाहिए।
 
 
गले से सबंधी बीमारियों के लिए सिंघाड़ा बहुत ही लाभदायक है। गला खराब होने पर या गला बैठने पर आप सिंघाड़े के आटे में दूध मिलाकर पीयें इससे जल्दी ही लाभ मिलेगा। गले में टांसिल होने पर सिंघाड़ा का सेवन करना न भूलें।
 
  
सिंघाडे़ में आयोडीन की प्रर्याप्त मात्रा होने की वजह से यह घेघां रोग में फायदा करता है।
 
  
आखों की रोशनी को बढ़ाने में भी सिंघाडा फायदा करता है क्योंकि इसमें विटामिन ए सही मात्रा में पाया जाता है।
 
 
नाक से नकसीर यानी खून बहने पर सिघाड़े के सेवन से फायदा होता है। यह नाक से बहने वाले नकसीर को बंद कर देता है।
 
  
प्रसव होने के बाद महिलाओं में कमजोरी आ जाती है। इस कमजोरी को दूर करने के लिए महिलाओं को सिंघाड़े का हलवा खाना चाहिए यह शरीर में होने वाली कमजोरी को दूर करता है।
 
  
कैल्शियम की सही मात्रा की वजह से सिंघाड़ा हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाता है।
 
 सिंघाड़े के इस्तेमाल से पुरूषों के वीर्य में बढ़ोत्तरी होती है। साथ यह काम की क्षमता को भी बढ़ता है। इसका प्रयोग आप सिंघाड़े के हलवे के रूप में भी कर सकते हैं। अथवा दूध में दो चम्मच सिंघाड़े का आटा मिलाकर भी प्रयोग कर सकते हैं।
सिंघाड़ा कोई साधारण फल नहीं है इसमें छिपे हैं कई गुण जो आपके शरीर और स्वास्थ दोनों के लिए लाभदायक हैं। सिंघाड़े के ये गुण शायद अभी तक आपको नहीं मालूम थे। अब नियमित रूप से इसका सेवन करें ताकी आप और आपका परिवार स्वस्थ जीवन जी सके।

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