पैर छूने से मिलते है स्वास्थवर्धक फायदे

प्राचीन समय से भारत में परंपरा रही है पैर छूने की। पैर छूना हमारे देश में मान सम्मान का प्रतीक माना जाता है। बचपन से ही हमे बताया जाता है कि अपने से बड़ों के पैरों को छूना चाहिए। आज भी लोग इस परंपरा को मानते हैं लेकिन क्या आपको पता है पैर छूना वैज्ञानिक दृष्टिकोण से हमारे सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद होता है। शास्त्रों में भी कहा गया है कि रोज बड़े-बुजुर्गों के पैरों को छूने से उम्र, यश, और शक्ति बढ़ती है। पैर छूने से इंसान के अंदर सकारात्मक उर्जा का प्रवाह होता है। और कई तरह की समस्याएं भी खत्म होती हैं।

 

क्या कहता है आधुनिक विज्ञान

पैरों को छूना एक वैज्ञानिक क्रिया है जो सीधे इंसान के मानसिक, शारीरिक और वैचारिक विकास से जुड़ी हुई होती है।

पैरों को छूने से शरीर की कसरत होती है। 

पैरों को तीन तरह से छुआ जाता है।

पहला आगे की ओर झुककर पैर छूना।

दूसरा- घुटनों के बल बैठकर पैरों को छूना और

तीसरा-साष्टांग प्रणाम।

 

जब झुककर पैरों को छूआ जाता है तब हमारी रीढ़ और कमर की हड्डी को बेहद आराम मिलता है।

घुटनों के बल पैर छूने से शरीर के जोड़ों की समस्या व जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है।

साष्टांग प्रणाम करने से पूरा शरीर कुछ देर के लिए सीधा तन जाता है जिससे शरीर का तनाव खत्म हो जाता है साथ ही सिर में खून का प्रवाह भी ठीक तरह से होने लगता है और यह आंखो के लिए भी फायदेमंद होता है।पैरों को छूने से इंसान का अंहकार कम होता है और उसके मन में समर्पण का भाव आता है। इसलिए अपने से बड़ों के पैरों को जरूर छूना चाहिए।

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