गुर्दों को स्वस्थ रखने के वैदिक उपाय

गुर्दों यानी किडनी को स्वस्थ रखने के वैदिक उपाय

गुर्दा शरीर का महत्वपूर्ण अंग है। गुर्दा यानी किडनी ही शरीर की सारी क्रियाओं को प्रभावित करती हैं। किडनी ही शरीर में पानी की मात्रा का संतुलन बनाती है। यदि गुर्दा सही रहेगा तो आप लंबा जीवन जी सकते हो इसलिए गुर्दा शरीर का महत्वपूर्ण अंग है। गुर्दे में थोड़ी सी भी दिक्कत आपके लिए गंभीर समस्या बन सकती है। आज आपको बताते है कैसे घरेलू नुस्खों के जरिए आप अपने गुर्दों को स्वस्थ रख सकते हैं।

गुर्दों का क्या काम होता है ये भी जानना भी जरूरी है-

गुर्दा शरीर के अंदर के भाग को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है। गुर्दा शरीर में खून की गंदगी को दिन रात साफ करता रहता है। यह शरीर से पैदा होने वाले गंदगी को मूत्र के रूप में बाहर निकालता है। शरीर के अंदर की गंदगी को दूर करने में गुर्दों का अपना ढंग होता है। गुर्दे शरीर में मौजूद खून और पानी की मात्रा को नियमित रखते हैं। साथ ही यह शरीर में एसिड की मात्रा बढ़ने की मात्रा को रोकते हैं और उन्हें मूत्र के जरिए बाहर निकाल देते हैं।

गुर्दों में होने वाले रोग-
1. गुर्दों में परेशानी होने से मूत्र मार्ग में मवाद का आना।
2. हाई ब्लडप्रेशर की समस्या होना।
3. मूत्र संबंधी परेशानियां।
4. दिल की बीमारी, आदि।

गुर्दों और ह्दय में गंभीर संबंध है। जब गुर्दे सही रूप से अपना काम करते हैं तो दिल की बीमारी भी दूर रहती है। दिल की बीमारी तभी ज्यादा सक्रिय होती है जब गुर्दों में विकार उत्पन्न हो जाता है। गुर्दों को सबसे अधिक परेशानी पथरी की वजह से होती है। पथरी की वजह से गुर्दों में सूजन आ जाती है। और पेशाब से रक्त तक निकलने लगता है। जो कि पीड़दायक होता है। पथरी गुर्दो के भीतर संक्रमण करके मवाद बना देती है।
 
किस तरह से करें गुर्दों को रोगमुक्त
गुर्दो को रोग से मुक्त रखने का सबसे पहला नियम यह है कि आप भोजन पर ध्यान दें। यानी की भोजन में अत्याधिक अचार, मसालेदार खाने, का सेवन कम से कम करें। पूरी, हलवा, आलू और मैदा आदि का सेवन भी गुर्दों को नुकसान पहुंचाता है।
 
गुर्दें को स्वस्थ रखने के वैदिक उपाय
1. गुर्दों के लिए शहद का सेवन सबसे महत्वपूर्ण होता है। यह मूत्र में रूकावट की समस्या को दूर करता है। और गुर्दों के रोगों को दूर करता है।

2. गुर्दे की बीमारी में ककड़ी महत्वपूर्ण होती है। ककड़ी के बीजों को सुखाकर उसका चूर्ण बनाएं और उसमें बराबर मात्रा में सेंधा नमक डालकर मिक्स चूर्ण बना लें और इसे 15 ग्राम छाछ के साथ सेवन करें यह पेशाब की समस्या को दूर करता है।

3. गुर्दों में परेशानी की वजह से जिन लोगों को बार-बार पेशाब जाने की समस्या होती है वे 20 मि.ली आंवले के रस के साथ केले का सेवन करें एैसा करने से बहुमूत्र की समस्या से निजात मिलता है।

4. यदि पेशाब में पस आ रहा हो तो शहद व हल्दी को आंवले के रस में डालकर सेवन करें। एैसा करने से पेशाब में पस यानी मवाद आना बंद हो जाएगा।

5. गुर्दों में दिक्कत से यदि पेशाब में जलन हो रही हो तो पीसी हुई 2 इलायची को दूध में डालकर सेवन करें। एैसा करने से पेशाब खुलकर आता है, और जलन दूर होती है।

6. यदि पेशाब किसी वजह से आना बंद हो गया हो तो गरम पानी में एरंड के तेल की 20-50 मि.ली की मात्रा में डालकर पीने से थोड़ी ही देर में रूका हुआ पेशाब खुलकर होने लगेगा।

7. गुर्दें में दर्द हो रहा हो तो 10 ग्राम सेंधा नमक, 20 ग्राम तुलसी के पत्ते, 20 ग्राम अजवाइन को कूट कर चूर्ण बना कर रख लें और जब भी गुर्दें में दर्द हो तो इस चूर्णं को हल्के गरम पानी के साथ पीएं । यह दर्द में राहत देता है।

8. पेशाब से खून यदि आ रहा हो तो मुलेठी और शतावरी को बराबर की मात्रा में लेकर चूर्णं बना लें और 2 से 3 चुटकी इस चूर्ण का सेवन करें। पेशाब से खून आना बंद हो जाएगा।

9. गुर्दें में पथरी होने पर प्रतिदिन 2 गिलास तरबूज का जूस पीने से लाभ मिलता है।

10. गुर्दें में यदि पथरी हो तो आप पपीते के पेड़ की जड़ को पानी के साथ  पिसे  और 5 ग्राम की मात्रा में सेवन करें यह पथरी को तोड़कर बाहर करता है।

11. गुर्दें में पीड़ा हो रही हो तो खरबूजे के छिलकों को सुखा लें और 10 ग्राम छिलका आधे गिलास पानी में उबालें और उसमें थोड़ी मात्रा में चीनी डालकर 1 सप्ताह तक सुबह-शाम आधा-आधा सेवन करने से गुर्दें में हो रहा दर्द पूरी तरह शांत हो जाएगा।

गुर्दें की बीमारी से बचने के लिए कौन-कौन सी चीजे खांए
आप अपने भोजन में शहद, दही, दूध आदि को जरूर लें। सब्जियों में पालक, बथुआ और टमाटर का प्रयोग करें क्योंकि इनमें आयरन की मात्रा उचित होती है। गुर्दें की समस्या दूर तभी हो सकती है जब आप अपने खान पान का ध्यान रखें। 

 

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