हाथ से खाने के आयुर्वेदिक फायदे

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प्राचीन काल में योगी व मुनी हाथ से खाना खाया करते थे। जिसकी वजह से वे स्वस्थ और लंबे समय तक जीवित रहते थे। खाना खाते समय आजकल सभी चम्मच का इस्तेमाल करते हैं। जिसके पीछे की मुख्य वजह है गंदगी से बचना। चम्मच छुरी आदि का प्रयोग करना आजकल एक ट्रेडं भी बन गया है। लेकिन आज भी भारत में लोग हाथ से खाना खाते हैं। खासतौर से गांव व आदिवासी इलाकों में। हाथ से खाना खाने के पीछे कई तरह के रहस्य और आयुर्वेदिक सेहत टिप्स  छिपे हुए हैं। जिन्हें वैदिक वाटिका आपको बता रही है।

हाथ से खाना खाने के लाभ

बनती है ज्ञान मुद्रा
जब हम हाथ से खाना खाते हैं तब उंगुलियां और हाथ के उंगूठे आपस में मिलते रहते हैं जो ज्ञान मुद्रा को बनाते है। जिससे खाने में विशेष प्रकार की उर्जा आती है और वह उर्जा शरीर में तेज पैदा करती है जिससे शरीर बीमारियों से मुक्त रहता है।

पंच तत्वों की शक्ति
इंसान का शरीर पांच तत्वों से बना है। भोजन में भी हवा, अग्नि, आकाश, पृथ्वी और जल होता है। हाथ से खाना खाने पर पंच तत्व आपस में मिलते हैं और उर्जा को बनाते हैं जो सीधे शरीर में आती है।
चम्मच आदि से खाना खाने से पंच तत्वों में असंतुलन होने लगता है जिस वजह से हमारे शरीर में कई तरह की बीमारियां भी लगती हैं।

शरीर के तापमान के अनुसार
जब हम अपने हाथों से खाना खाते हैं तो इससे कभी भी हमारा मुख नहीं जलता है। खाने को जब हाथ से छुआ जाता है तब हाथ दिमाग को खाने के तापमान के बारे में सूचित करते हैं जिससे इंसान बहुत गर्म खाने में अचानक से हाथ नहीं डालता है। वहीं चम्मच आदि से मुख जलने की संभावना अधिक होती है।

साफ सफाई की आदत आना
जब हमें लगता है कि हम हाथ से ही खाना खाते है तब अंदर से हमारे अंदर  ये भावना आ जाती है कि हाथ पूरी तरह से स्वच्छ रहें। ताकि गंदे हाथ खाने में ना जाएं। इस आदत से इंसान की बीमार होने की संभावना कम हो जाती है।

स्पर्श चिकित्सा का लाभ मिलना
स्पर्श चिकित्सा इंसान के लिए बहुत फायदेमंद है। हाथ से खाना खाना भी स्पर्श चिकित्सा के अंदर आता है। हाथ से खाना खाने पर हमारे पेट और दिमाग में भी एक तरह का संबंध बनने लगता है। और खाना खाते समय दिमाग पेट को संकेतों के जरिए पचाता रहता है। इस तरह से शरीर को पौष्टिकता मिलती रहती है। और शरीर को भोजन भी लगता है।

भारत के प्राचीन ग्रंथों में हर तरह इंसान को स्वस्थ रहने के बारे में बताया गया है। वैदिक वाटिका आपको हर वो प्राचीन जानकारी देती रहेगी जिससे आप और आपका परिवार बीमारियों से मुक्त रहेगा।

डिसक्लेमर : sehatsansar.com में जानकारी देने का हर तरह से वास्तविकता का संभावित प्रयास किया गया है। इसकी नैतिक जिम्मेदारी sehatsansar.com की नहीं है। sehatsansar.com में दी गई जानकारी पाठकों के ज्ञानवर्धन के लिए है। अतः हम आप से निवेदन करते हैं की किसी भी उपाय का प्रयोग करने से पहले अपने चिकित्सक से सलह लें। हमारा उद्देश्य आपको जागरूक करना है। आपका डाॅक्टर ही आपकी सेहत बेहतर जानता है इसलिए उसका कोई विकल्प नहीं है।