कलाई में दर्द का घरेलू उपचार

समय के साथ आजकल की जीवनशैली भी बदल गई है। आजकल लोग मोबाईल, लेपटॉप और कंप्यूटर का इस्तेमाल अधिक करने लगे हैं। जिसके चलते हमारी अुंगलियों के साथ साथ कलाईयों पर भी दबाब पड़ता है। जिसकी वजह से हमारे हाथ ठीक प्रकार से काम नहीं कर पाते हैंं खासकर की वजन उठाने में। जैसे जैसे उम्र बढ़ती है तो हमारी कलाइयों की मासपेशियों में भी
कमजोरी आने लगती है। एैसे में आपको डायबिटीज का खतरा हो सकता है। ये तो तय है कि जब भी इंसान के शरीर में दर्द होता है तो उसे कई प्रकार की परेशानियों का सामना भी करना पड़ता है। आइये जानते हैं किन कारणों की वजह
से होता है कलाईयों में दर्द ।

कलाई में दर्द होने के कारण
अधिक लिखने की वजह से
किसी भी तरह की हाथ पर चोट लगने से
कंप्यूटर में अधिक हाथों का प्रयोग करना
क्रिकेट खेलने से
सिलाई करने से
सितार या पियानों बजाने से
जो लोग कैंची का प्रयोग अधिक करते हैं
ज्यादा देर तक मोटर साईकल चलाने से
किसी तरह का भारी भरकम सामान उठाना आदि।

क्या होते हैं कलाई के दर्द के लक्षण
कलाई हाथ का अहम हिस्सा है। जब कलाई में परेशानी
होती है तब कलाई में सूजन, कलाई के बाहरी भाग में
दर्द होना, किसी चीज को पकड़ते समय दर्द होना, अंगूठे पर प्रेशर पड़ने से दर्द होना, कलाई में हल्का और अचानक से दर्द होना।

अब आपको बताते हैं कलाई के दर्द से बचने के घरेलू
वैदिक उपाय

जब आपकी कलाई मंे दर्द हो रहा हो तब अपनी कलाई
को जरूरत के अनुसार उपर उठाकर रखें।
शावर या फिर गर्म पानी से नहाने के बाद व्यायाम करें। इससे कलाई की जकड़न ठीक हो जाएगी।
ध्यान रखें यदि कलाई में सूजन ज्यादा हो जाए तो
किसी तरह का व्यायाम ना करें।
थोड़ा रूक रूक कर आराम करके टाईपिंग करें। दर्द को बढ़ाने वाली चीजों का प्रयोग करते समय विराम लेते रहें।
कलाई को बैंडेज के सहारे कलाई पर दबाब डालें।

आप कलाई के दर्द का योग के जरिए भी ठीक कर सकते हैं। इस दौरान आप

कलाई घुमाना
आप अपनी हथेली को सीधा करें और इसे फैलाएं अब अपनीकलाई को गोल गोल आकार में घुमाएं।

हैण्डकफ
इस योग में आपको तर्जनी और अंगूठे को तीन से पांच सेकंंड तक गोलाकर करके जोर जोर से दबाना है।

विपरीत प्रार्थना
आप अपनी पीठ की तरफ अपने हाथों को नमस्कार की मुद्रा में रख लें अब उंगलियों को उपर ना करके
नीचे की ओर रखें। जब आपको आराम महसूस होने लगे तब तक इसी मुद्रा में बने रहें।
कलाई के दर्द को आप अपने खानपान की आदतों से भी ठीक कर सकते हो। इसके लिए आपको करना ये है कि।

जोड़ों के दर्द और सूजन से बचाने वाले आहार जैसे ओमेगा 3 फैटी एसिड, अखरोट, जैतून का तेल और मछली का सेवन कर सकते हो।

इसके अलावा हरे पत्तेदार सब्जियां, विटामिन ई और सी के अलावा स्ट्राबेरी, संतरा, ब्रोकोली, फूलगोबी, केले व पपीता आदि का सेवन कर सकते हो। क्योंकि इनमें एंटीआॅक्सीडेंट की मात्रा भरपूर होती है।

sehatsansar youtube subscribe
डिसक्लेमर : sehatsansar.com में जानकारी देने का हर तरह से वास्तविकता का संभावित प्रयास किया गया है। इसकी नैतिक जिम्मेदारी sehatsansar.com की नहीं है। sehatsansar.com में दी गई जानकारी पाठकों के ज्ञानवर्धन के लिए है। अतः हम आप से निवेदन करते हैं की किसी भी उपाय का प्रयोग करने से पहले अपने चिकित्सक से सलह लें। हमारा उद्देश्य आपको जागरूक करना है। आपका डाॅक्टर ही आपकी सेहत बेहतर जानता है इसलिए उसका कोई विकल्प नहीं है।