हंसासन की विधि और फायदे

कमर दर्द और पीठ दर्द जैसी समस्याएं आजकल की भाग दौड़ भरी जीवन शैली में आम हो गई हैै। एैसे में जो हो रहा है उसे बदला तो नहीं जा सकता है लेकिन यदि हम हंसासन योग करते हैं तो हमें इन समस्याओं से निजात मिल सकता है। यदि हंसासन योग को किया जाए तो इससे इंसान को रीढ़ की हड्डीयों से संबंधित समस्याओं से निजात मिल सकता है। साथ ही साथ इस योग को करने से इंसान को शारीरिक दर्द जैसी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ता है।
आइये जानते हैं कैसे किया जाता है यह हंसासन योग और इस योग को करने से क्या—क्या फायदे मिल सकते हैं।
सबसे पहले जानते हैं हंसासन योग के फायदों के बारे में।

इस आसन को करने से पैंक्रियाज सक्रिय होता है।

हंसासन को करने से पैरों और हाथों की मांसपेशियां मजबूत होती है। और पेट का मोटापा और गर्दन का दर्द ठीक होता है।

हंसासन योग को करने से शरीर शक्तिशाली बनता है। साथ ही हाथ की कलाइयां, कंधे और छाती
मजबूत होती है।
फेफड़ों का साफ रखता है हंसासन योग।
चेहरे में सुंदरता और चमक के साथ साथ इस आसन को करने से शरीर में ताजगी और स्फूर्ति भी आती है।

नियमित हंसासन को करने से इंसान का पाचन तंत्र मजबूत बनता है। जिससे कब्ज की समस्या नहीं होती है।

शरीर को उर्जा मिलती है जिससे इंसान हर काम को तेजी से बिना थके हुए करता है।

पीठ दर्द, कमर दर्द, और मांसपेशियों के दर्द से छुटकारा मिलता है।

हंसासन योग को करने से शरीर में रक्त का संचार सुचारू रूप से होता है। यह आसन हमारी नाड़ी तंत्र को ठीक तरह से काम कराता है।

आइये अब जानते हैं कैसे किया जाता है हंसासन

सबसे पहले आप अपने दोनों हाथों को जमीन पर सामने की ओर टिका लें।
आब दोनों हाथों के बीच कुछ दूरी बनाएं।

अब उंगलियों को आगी तरफ खोलकर रख दें।

इसके बाद घुटनों और कोहनियों को धीरे धीरे मोड़कर पीछे की तरफ ले जाएं। जैसा की चित्र में दिखाया गया है।

इसके बाद आप सांस को धीरे धीरे छोड़ें और अपने दोनों हथेलियों पर बल देकर शरीर के पिछले हिस्से को उपर की तरफ उठा लें।
एैसे में आपका पूरा भार आपकी हथेलियों पर होना चाहिए। और शरीर का संतुलित करें।

इसके बाद आप अपनी गर्दन को आगे की ओर झुकाएं और शरीर को थोड़ी देर इस स्थिती में रहें।

इस आसान को आप कम से कम दो से तीन बार जरूर करें।

वैस तो यह आसन बहुत कठिन है लेकिन धीरे धीरे प्रयास करने से आप इस आसन को आसानी से कर सकते हो।

हंसासन योग की सावधानियां
जैसा कि आपको बताया है कि यह आसन कठिन है। आप इसे किसी योग शिक्षक की रेख देख में ही करें। जिन लोगों को कमर
या पीठ पर चोट लगी हुई हो वे इस आसन को ना करें
गर्भवती महिलाएं भी इस आसन को ना करें।

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