क्यों करें अमरूद का सेवन

ठंड़ियों के आते ही मौसम में बदलाव आता है और खान-पान की तरीकों में भी बदलाव आता है। सर्दियों के मौसम में भूख ज्यादा लगती है। इस मौसम में सबसे ज्यादा पौष्टिक फल अमरूद को माना जाता है। वेदों में अमरूद को जामफल भी कहा गया है। अमरूद के एैसे गुणों को आपको जानना जरूरी है ताकि आपकी और आपके परिवार की सेहत ठीक बनी रहे। वैदिक वाटिका लाया है अमरूद के एैसे फायदे जो आपको आज तक नहीं पता है।

अमरूद के पौष्टिक और स्वास्थवर्धक गुण

अमरूद में विटामिन और कार्बोहाइड्रेट की भरपूर मात्रा होती है। यह विटामिन सी का भी अच्छा स्त्रोत है।

1. अमरूद का सेवन करने से पेट साफ रहता है। इसके अलावा अमरूद आंखों के लिए भी फायदेमंद होता है। अमरूद मलेरिया के प्रभाव को खत्म करता है।

2. यदि आप कब्ज से परेशान हो तो अमरूद का सेवन करना न भूलें। यह आपको कब्ज से राहत दिलाता है।

3. पके हुए अमरूद में पौष्टिकता अधिक होती है। क्योंकि यह हीमोग्लोबीन की कमी को दूर करता है। महिलाओं को पका हुआ अमरूद जरूर खाना चाहिए।

4. अमरूद हड्डियों को मजबूत और ताकत प्रदान करता है।

पेट दर्द में अमरूद के लाभ

1. पेट के दर्द में पके हुऐ अमरूद में नमक मिलाकर सेवन करने से पेट का दर्द कम होता हैं।

2. अमरूद की पत्तों को पीसकर उसका पेस्ट बना लें और उसमें काला नमक डालकर सेवन करने से पेट दर्द ठीक हो जाता है।

3. पेट दर्द के समय अमरूद के पत्तों को पीसकर पानी में घोलकर पीने से पेट दर्द में तुरंत आराम मिलता है।

दातों के दर्द में अमरूद का सेवन

1. यदि दांत में दर्द हो तो आप अमरूद की पत्तियों को दातों से बारीक चबायें।

2. यदि मसूढ़ों में सूजन या दर्द हो तो अमरूद के पत्तों को हल्के गरम पानी में उबालकर कुल्ला करें।

खांसी में अमरूद सेवन के लाभ

1. अमरूद को राख या बालू में सेक कर सुबह और शाम नियमित खाने से काली खांसी दूर होती है।

2. नमक और कालीमिर्च को अमरूद पर लगाकर खाने से कफ विकार दूर होता है।

जुकाम में अमरूद का फायदा

1. यदि जुकाम काफी दिनों से हो तो पके हुए अमरूद के बीजों को खायें और उसके बाद पानी पी लें।
अमरूद के बीजों को चबाकर खाने से आंतों को फायदा होने के साथ-साथ पेट भी साफ रहता है।

चेतावनी

अमरूद का सेवन कभी भी सुबह खाली पेट न करें ।

प्राचीन समय में ही अमरूद के बारे में काफी शोध हो चुका था। इसलिए आपके लिए अमरूद के फायदों को जानना जरूरी है। अमरूद का सेवन शीत ऋतु में जरूर करें ताकि आप और आपका परिवार दोनों स्वस्थ रहें।

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