घुटनों के दर्द का इलाज एक्यूप्रेशर द्वारा

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भारत में अधिकतर लोग घुटनों के रोगों से विशेषकर की घुटनों के दर्द या शोथ ओसटियो अर्थराइॅटस से ग्रसित हैं। यह रोग भारत में ही नहीं अपितु विश्व में भी तेजी से हो रहा है। जिसके लिए लोगों के पास केवल दर्द निवारक गोलियों को खाने के अलावा और कोई साधन नहीं है। लेकिन एक्यूप्रेशर के जरिए कई लोगों के घुटनों का दर्द ठीक हो चुका है। परेशानी इस बात कि है कि हम लोगों को पता ही नहीं होता है कि किस चीज का इलाज आयुर्वेद और एक्यूप्रेशर में है। बस गोलियां खाने की आदत जो लग गई है। खैर हमारा कार्य है आपको वास्तविक जानकारी देना।

एक्युप्रेशर की प्रक्रिया से घुटनों के दर्द में बहुत ही आसानी और जल्दी से लाभ मिल जाता है। लेकिन कई रोगों में चार से पांच महीने भी लग सकते हैं।

घुटनों के दर्द से अधिकतर लोग पीड़ित रहते हैं इसलिए आप एक्यूप्रेशर के विशेष बिंदुओं पर प्रेशर यानि दबाब देने से यह रोग जल्द ही ठीक हो जाता है।
घुटनों के दर्द का एक्यूप्रेशर इलाज
घुटनों और टखनों का संबंध एक दूसरे से होता है। घुटनों में दर्द की वजह से टखनों में सूजन तक आ जाती है।
इसलिए आप टखनों के चारों तरफ प्रेशर दे सकते हैं जैसा कि चित्र 1 में दिखाया गया है।
इसके साथ आप टखनों के नीचे वाले हिस्से जैसा कि चित्र 2 में दिखाया गया है । उस पर प्रेशर दें।

पैर के उंगूठे के साथ वाली दो उंगलियों पर और हाथों की कलाई के बीच में  जैसा की चित्र 3 और चित्र 4 में दिखाया गया है, मालिश की तरह प्रेशर देने से जोड़ों के दर्द में बहुत तेजी से आराम मिलने लगता है।

इसके अलावा चित्र 5 और चित्र 6 में दिखाए जाने वाले एक्यूप्रेशर बिंदुओं पर भी प्रेशर दें।

गले का भी घुटनों के दर्द से संबंध होता है। इसके लिए आप उंगूठे  और उंगली से अपने गले में कुछ सेकंड के लिए प्रेशर दें। जैसा कि चित्र 7 में दिखाया गया है। एैसा करने स घुटने के दर्द के अलावा आपका मानसिक रोग और उच्च रक्तचाप की समस्या भी भी राहत मिलती है।

यदि घुटनों में चलते या उठते बैठते समय दर्द बहुत अधिक हो रहा हो तो आप आलू के पानी का इस्तेमाल कर सकते हैं। आलू के पानी की सिकाई जोड़ों की जकड़न को खोलता है।
आलू का पानी बनाने का तरीका
थोड़े से आलूओं को काटर उसे आप किसी बर्तन में उबाल लें। और उसमें से थोड़ा.थोड़ा पानी को घुटनों और टखनों के उपर डालें जिससे इनकी सेंक हो सके। इस उपाय को पंद्रह से बीस मिनट तक करें।
आप इस पानी को एक दिन में दो से तीन बार गर्म करके इस्तेमाल कर सकते हो।
जब भी आप अपने घुटनों व जोड़ों को सेंक रहे हों तो कूलर व पंखे के आगे यह कार्य ना करें।

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