बुखार को हल्के में नहीं लेना चाहिए

कई बार देखा गया है लोग बुखार को सामान्य सा रोग समझकर उसे नजरअंदाज कर देते हैं। जो की आपकी सेहत के लिए बेहद गंभीर और गलत है। बुखार से जितना जल्दी निजात पाया जाए उतना जल्दी शरीर में होने वाले दूरगामी परेशानियों को रोका जा सकता है। बुखार से शरीर में गरमी आने लगती है साथ ही शरीर में खुश्की आने लगती है कई बार तो बुखार में मुख भी सूख जाता है। बुखार से बचने के लिए लोग तुरंत एंटीबायोटिक्स दवाइयों का प्रयोग करने लगते हैं जिससे शरीर पर बाद में दूसरी गंभीर बीमारियां होने लगती है। इसलिए, जाने बुखार के लक्षण और उनका प्राकृतिक इलाज। बुखार की मुख्य वजह है अनियमित खान पान और गलत आदतों को अपनाना। साथ ही साथ बारिश में भिगना, अधिक देर तक काम करना, आदि। बुखार से शरीर का तापमान बढ़ जाता है और इंसान का शरीर कमजोर होने लगता है। लेकिन बुखार का इलाज है इसके लिए आपको कुछ बातों को ध्यान में रखना है।

बुखार को दूर करने के घरेलू उपाय (health tips in hindi)

1. लाल टमाटर का सूप बनाकर उसे गरम गरम ही रोगी को देने से बुखार थोड़े ही दिन में उतर जाता है। और रोगी को राहत भी मिलती है।
2. नारियल का पानी पीने से बुखार की तपन शरीर से कम होने लगती है और तेज बुखार भी जल्दी ही उतर जाता है।
3. गर्मियों में होने वाले बुखार में इमली का पानी पीने से बुखार ठीक हो जाता है। या फिर धनिये की गिरी का सेवन भी कर सकते हो।
4. हल्का बुखार गन्ने के जूस को पीने से ठीक हो जाता है।
5. 10 ग्राम तुलसी के पत्तों का रस निकाल कर पीते रहने से बुखार दूर हो जाता है।
6. तेज बुखार होने पर बर्फ के पानी में कपड़ा भिगोकर सिर से पैर तक शरीर को पोछं लें और ठंडे कपड़े को सिर पर लगाने से बुखार का तापमान गिर जाता है।
7. बुखार होने पर रोगी को तरल चीजें देनी चाहिए और अनाज से परहेज करना चाहिए। तरल चीजों में नींबू का पानी, दूध, नारियल पानी, पपीता, चीकू आदि फल बुखार में ले सकते हो।
8. बुखार होने पर मैदा से बनी कोई भी चीज जैसे बिस्कुट, डबल रोटि आदि का सेवन नहीं करना चाहिए। इनकी जगह साबूदाना, मूंग की दाल, दलिया आदि का सेवन करना चाहिए।
9. बुखार होने पर जितना हो सके पानी अधिक से अधिक पीएं। पानी को उबालकर उसे ठंडा कर के भी पी सकते हैं।

तुलसी
10 पत्ते तुलसी के और 5 काली मिर्च को चाय में डालकर पीने से बुखार ठीक हो जाता है।
12 साल से कम उम्र के बच्चों को 2 काली मिर्च और 3 तुलसी की पत्तीयों को मिलाकर पानी के साथ पिलाएं। एैसा करने से बच्चों में बुखार उतर जाता है।

मुलेठी
काली मिर्च और मुलेठी को 10-10 ग्राम भून कर पीस लें और इसे 30 ग्राम गुड में मिला लें। फिर इसमें से 6 ग्राम रोज पानी के साथ सेवन करने से बुखार जड़ से ठीक हो जाता है।

लहसुन
बुखार होने पर कच्चे लहसुन के टुकड़ों को खाना चाहिए। इससे बुखार में राहत मिलती है।

सिरका
नहाने के पानी में सिरका मिला लें और फिर इस पानी से नहा लें । सिरके के पानी से नहाने से बुखार जल्दी ही उतर जाता है।

बुखार होने को तो एक सामान्य रोग कहा जाता है लेकिन इसको नजरअंदाज करना आपके लिए भारी पर सकता है। बुखार में सबसे पहले खान-पान का परहेज जरूरी हैं साथ ही अधिक नमक को बुखार में कभी नहीं खाना चाहिए। जितना हो सके प्राकृतिक चीजों का सेवन करें। लेकिन यदि बुखार बेहद तेज है और रोगी को ज्यादा परेशानी हो रही हो तो आप तुंरत उसे डाक्टर के पास ले जाएं। ये भी पढे-लाल किताब के ये उपाय जो दूर करेंगे आपकी हर समस्या

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