फेफड़े खराब होने के लक्षण और उपचार

फेफड़े खराब होने के लक्षण और उपचार

आज हम बात करेगें फेफड़े खराब होने के लक्षण और उपचार के बारे में। अगर हम अपने शरीर के बारे में बात करें तो हमारे शरीर में कई ऐसे अंग होते हैं जो खराब हो जाते हैं। लेकिन इसके बारे में पता हमें काफी देर के बाद चलता है।

इसलिए यह बहुत ही जरूरी हैं कि आप सारे अंगों के खराब होने के लक्षणों के बारे में पूरी जानकारी रखें जैसे कि आपके पेशाब का बदलता रंग आपको यह दर्शाता हैं कि आपकी किडनी में कोई समस्या हैं। फेफड़े हमारे शरीर का वो अंग होते हैं जो रक्त कोशिकाओं का ऑक्सीजन पहुँचाने का काम करते हैं। इनका ठीक तरीके से काम करना बहुत जरूरी होता है। आइये जानते हैं फेफड़े खराब होने के लक्षण और उपचार के बारे में।

फेफड़े खराब होने के लक्षण

1. लंबे समय से सांस फूलने की दिक्कत होना

जब भी आप घर का काम करते हैं या फिर कुछ सीढियों को चढ़ते हैं जब आपकी साँस फूलने लगती है तब आप समझ लें कि यह समस्या गंभीर है। इसके इलावा अगर सोते समय भी या दिन में कई बार आप इस समस्या से जूझ रहें हैं तो यह दर्शाता है कि आपके फेफड़ों में दिक्कत है।

2. बलगम में खून आना

अगर खांसते समय आपको बलगम के साथ खून आता है तो समझ लें कि आपके फेफड़ों में कोई बीमारी है। वैसे देखा जाएं तो बलगम में खून आना मुख्य तौर पर ट्यूबरक्लोसिस का लक्षण है। इसलिए आप के साथ जब भी ऐसा हो तब बिल्कुल देर न करें। बल्कि जल्द से जल्द डॉक्टर के पास जाएँ।

3. सांस लेने में दिक्कत

सांस लेने में कठिनाई होना या सांस लेते समय फेफड़ों से हल्की सीटी जैसे आवाज आना भी फेफड़ों के संक्रमण का एक लक्षण है। यह दर्शाता हैं कि सांस नलिकाओं के सिकुड़ने के कारण फेफड़ों को ऑक्सीजन इधर उधर भेजने में दिक्कत होने लगती है। कई मामलों में अस्थमा, निमोनिया या किसी एलर्जी के कारण भी ये समस्या होने लगती है।

4. सीने में दर्द

अगर किसी कारण से आपके सीने में बार बार दर्द हो रहा हो तो जरूरी नहीं कि वो हार्ट अटैक का ही लक्षण हो। बल्कि यह फेफड़ों में हुए किसी इन्फेक्शन के कारण भी हो सकती है। अगर आपको सांस लेते समय, खांसते समय या छींकते समय सीने में तेज चुभन वाला दर्द होता है तो लंग इन्फेक्शन के कारण भी हो सकता है। इसलिए आप इसे अनदेखा न करें दर्द होने पर डॉक्टर से सही उपचार करवाएं।

5. ज्यादा म्यूकस बनना

कई बार लोग बलगम के साथ खांसी को अनदेखा कर देते हैं जबकि अगर आपको तीन महीनों से जायदा समय से खांसी है तो आप क्रोनिक ब्रोंकाइटिस से पीड़ित भी हो सकते हैं। खांसी के साथ अगर आपकी सांस फूलने लगती है तो बिना देर किये आप तुरंत डॉक्टर के पास जाएँ।

6. खांसी कई लोगों की खांस

कुछ लोगों की खांसी लंबे समय तक ठीक नहीं होती। अगर आपको आठ हफ्तों से अधिक समय से खांसी आ रही है तो यह आपके लिए चिंता का विषय है। फेफड़ों में हुई किसी समस्या के कारण भी ऐसा हो सकता हैं। इसलिए ऐसा होने पर डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।

फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए घरेलू उपचार

फेफड़ों के लिए हर्ब्स

फेफड़ों का काम वातावरण से ऑक्सीजन लेना और कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित कर उसे वातावरण में छोड़ना है। इसके साथ ही यह शुद्ध रक्त धमनी द्वारा दिल में पहुंचता है। जहां से यह फिर से शरीर के विभिन्न अवयवों में पम्प किया जाता है। इसलिए फेफड़ों को स्वस्थ रखना बहुत जरूरी है बहुत से हर्ब्स ऐसे हैं जिनके सेवन से फेफड़ों को स्वस्थ रखा जा सकता है।

1. मुनक्का का सेवन

मुनक्का के ताजे औए साफ़ 15 दाने रात में 150 मिलीलीटर पानी में भिगो दें। सुबह इसके बीज निकालकर फेंक दें। अब गुदे को खूब अच्छी तरह चबा चबाकर खाएं और बचे हुए पानी को पी लें। जब आप नियमित रूप से एक हफ्ते तक इसका सेवन करते हो तब इससे आपके फेफड़ों को मजबूती मिलती है।

2. शहद का सेवन

शहद एक औषधि के रूप में प्रयोग किया जाता है। जब आप नियमित रूप से सुबह एक चम्मच शहद का सेवन करते हैं तब इससे आपके फेफड़ों के रोग दूर होते हैं और साथ ही फेफड़े मजबूत बनते हैं।

3. अंगूर का सेवन

अंगूर का सेवन फेफड़ों के सभी प्रकार के रोगों को दूर रखता है। खांसी और दमे जैसी बीमारयों में अंगूर का सेवन बहुत ज्यादा फायदा पहुंचाता है। लेकिन अगर आप डायबिटीज के मरीज हो तो इसका अधिक सेवन न करें।

4. तुलसी का प्रयोग

तुलसी के सूखे पत्ते, कत्था, कपूर और इलाइची को समान मात्रा में लें। अब इसमें नौ गुना चीनी मिलाकर बराबर मात्रा में पीस लें। इस मिश्रण की चुटकी भर मात्रा दिन में दो बार खाएं। इससे फेफड़ों में जमा कफ निकल जाता है।

5. एचिनासा

एचिनासा एक एंट माइक्रोबियल हर्ब है जो रोगों से लड़ने के लिए जाना जाता है और शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाता है। एचिनासा सफेद रक्त कोशिका के उत्पादन द्वारा काम करता है।

6. शहतूत के पत्तें

शहतूत के पत्ते चबाने से फेफड़ों के रोग, फेफड़ों की जलन, सिरदर्द और खांसी आदि समस्याएँ दूर हो जाती है।

7. अंजीर का सेवन

फेफड़े की परेशानी को दूर करने में अंजीर काफी मदद करती है। इसका उपयोग करने के लिए पांच अंजीर को एक गिलास पानी में उबाल लीजिए। दिन में दो बार इसका सेवन करने से फेफड़ों की गंदगी साफ़ होती है और उन्हें शक्ति मिलती है।

8. लहसुन का प्रयोग

जाने लहसुन खाने के फायदे खासकर सर्दियों में क्यूंकि यह आपकी सेहत के लिए बहुत लाभकारी होता है, Garlic health benefits in hindi

लहसुन को कफ नाशक के रूप में भी प्रयोग किया जाता है। भोजन के बाद लहसुन का सेवन करने से छाती साफ़ रहती है और यह कई रोगों से रक्षा करता है।

9. मुलहठी का प्रयोग

खांसी और खराश होने पर मुलहठी बहुत ही फायदेमंद होती है। यह फेफड़ों के लिए भी लाभदायक होती है। पान डाल कर जब आप मुलहठी का सेवन करते हो तब आपको कफ से मुक्ति मिल जाती है।

10. मेहँदी

एचिनासा की तरह मेहँदी में भी एंटी माइक्रोबियल हर्ब होते हैं। इसमें मौजूद शक्तिशाली तेल में एंटी सेप्टिक, एंटीबैक्टीरियल और एंटी फंगस गुण होते हैं। हर्बल चिकित्सक जुकाम, गले में खराश, फ्लू, खांसी, ब्रोकाइटीस और छाती में संक्रमण को समाप्त करने के लिए मेहँदी का इस्तेमाल करते हैं।

11. व्यायाम

फेफड़ों को मजबूत करने के लिए व्यायाम बहुत ही जरूरी है। व्यायाम करने से फेफड़ों को ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में मिलती है। जिससे आपके फेफड़े हमेशा स्वस्थ बने रहते हैं।

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