दूब के आयुर्वेदिक फायदे

दूब यानि हरी घास। जिसका इस्तेमाल भारत में पुराने समय से पूजा-अर्चना के कामों के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसका जितना धार्मिक महत्व है उससे कई ज्यादा महत्व इसका आपकी सेहत से भी जुड़ा हुआ है। यह आपको आसानी से कहीं भी मिल जाती है। आयुर्वेद में दूब को महौषधि कहा गया है। इसका स्वाद मीठा-कसैल होता है। यह कई तरह के रोगों को दूर करती है। दूब को कई नामों से जाना जाता है। इसे दूर्वा, अनंत, नील दुर्वा और शतपर्वा आदि कहा जाता है।

 

 

दूब का प्रयोग:

  • दूब का औषधिय प्रयोग इसके रस के रूप में । 
  • दूब के काढ़े के रूप में। 
  • दूब की जड़ के चूर्ण के रूप में और
  • इसकी पत्तियों के चूर्ण के रूप में किया जाता है।

दूब के फायदे                       ये भी पढे-कद बढ़ाने के आसान आयुवेर्दिक तरीके

  • दूब से निकलने वाले हरे रस को एक तरह से हरा रक्त कहा जाता है। जिसका सेवन करने से एनीमिया रोग ठीक हो जाता है।
  • मुंह में छालों को दूर करने केलिए दूब से बने काढे से कुल्ला करने से राहत मिलती है। और छाले ठीक हो जाते हैं।
  • यदि नाक से नकसीर बहती हो तो आप इसके रस की कुछ बूंदे नाक में डालें।
  • नंगे पैर दूब पर चलने से आंखों की ज्योती बढ़ती है।
  • उल्टी होने पर या बार-बार उल्टी होने की समस्या में दूब का रस पीनें से फायदा मिलता है।
  • दूब घास में मौजूद फलेवनाइड खनिज उल्सर को बढ़ने से रोक देता है।
  • पेट संबंधित रोगों को खत्म करने के साथ-साथ दूब हमारे पाचनतंत्र को भी मजबूत बनाती है।
  • दूब घास में एंटीवायरल और एंटीमाइक्रोबायल के गुण होने की वजह से यह शरीर को बीमारियों से लड़ने में सक्षम बनाता है। 

मधुमेह यानि डायबिटीज के रोग में

दूब में मौजूद गुण खून में ग्लूकोज के स्तर को कम करने की शक्ति होती है जो मधुमेह को आसानी से नियंत्रित कर देती है।

महिलाओं की समस्याएं

महिलाओं को होने वाली समस्याएं  जैसे सेफद घातु रोग और बवासीर आदि में दूब सेवन अति लाभदायक होता है। दूब घास को दही के साथ अच्छे से मिलाकर सेवन करना चाहिए।

त्वचा और दांतों के लिए दूब

त्वचा संबधी रोग जैसे कोढ यानि कुष्ठ रोग, खुजली और दांतों का दर्द आदि होने पर दूब का लेप लगाने से फायदा मिलता है।

हीमोग्लोबिन में दूब 

दूब या दूर्वा का सेवन करने से शरीर में खून साफ होता है और यह हमारी लाल रक्त कोशिकाओं को भी बढ़ाता है। इसी वजह से शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ने लगता है।

तनाव और अनिंद्रा में दूब

शरीर को उर्जावान बनाने के साथ दूब घास तनाव, थकान औश्र अनिंद्रा जैसी समस्याओं को भी खत्म करती है।

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