डेंगू के लक्षण और डेंगू से बचने के तरीके

डेंगू की बीमारी एक संक्रामक बीमारी की तरह फैलती जा रही है। यह एक जानलेवा बुखार है। विश्व स्वस्थ संगठन नें भी अब इस बीमारी को संक्रामक माना है। अब तक यह 126 से भी अधिक देशों में फैल चुका है। डेंगू से सबसे ज्यादा प्रभावित एशिया और अफ्रिका के देश हैं। डब्ल्यूएचओ के अनुसार पूरे विश्व में 30 करोड़ से भी ज्यादा लोग इस बीमारी से ग्रसित हैं। डेंगू का बुखार सबसे तेजी से फैलता है। यह बुखार एडीज मच्छर के काटने से होता है। इस बुखार को हड्डी तोड़ के नाम से भी जाना जाता है। बच्चों और बुजुर्गों में डेंगू का बुखार ज्यादा खतरनाक होता है।
वैदिक वाटिका आपको डेंगू की बीमारी के लक्षणों व इसके प्रकार के बारे में बताएगा साथ ही कैसे इस खतरनाक बीमारी से बचना है इस बात की भी जानकारी देगा।

डेंगू के पनपने के कारण
डेंगू मच्छर के फैलने की मुख्य वजह है पानी का टैंक, टायर, गमले, और घर के आस-पास जमा गंदा पानी। इसलिए चिकित्सक घर और घर के आसपास पानी न जमने की सलाह देते हैं। यदि सही समय पर इस बीमारी का इलाज न हुआ तो यह बुखार डेंगू शाक सिंड्रोम में बदल जाता है जो कि जानलेवा होता है।

डेंगू के प्रकार
डेंगू वायरस 4 प्रकार का होता है। डेंगू वायरस डी-1, डी-2, डी-3 और डी-4 से फैलता है। ये बीमारी केवल मच्छर के काटने से ही फैलती है जो कि दिन में काटता है। और डेंगू कभी भी किसी मरीज से दूसरे को नहीं फैलता है।

डेंगू के लक्षण
इस का पहला लक्षण है मरीज को तेज का बुखार आना और अधिक ठंड का लगना है। यह लक्षण शुरूआत के 5 दिनों तक रह सकता है।
दूसरा लक्षण है कमर व जोड़ों में दर्द का होना। सिदर्द व थकावट का लगना और शरीर में कमजोरी महसूस होना आदि।
डेंगू का तीसरा लक्षण है गले में खराश, हल्की खांसी और उल्टी का होना।
चौथा लक्षण शरीर पर लाल रंग के दानों का होना व आंखों के पीछे दर्द होना।

डेंगू का हेमोरेजिक बुखार में बदलना
इस बुखार के हेमोरेजिक बुखार में बदलने की अधिक संभावना होती है। हेमोरेजिक बुखार में इंसान के मसूड़ों, नाक, दांत आदि से खून निकलने लगता है। शरीर में प्लेटलेट्स की कमी हो जाती है। उल्टी व दस्त में खून का आना भी इस बुखार के लक्षण हैं यदि समय पर इलाज न मिले तो रोगी की जान तक चली जाती है।

क्या है डेंगू से बचने का तरीका
1. डेंगू बुखार का पता लगते ही मरीज को अच्छी तरह से आराम करना चाहिए।
2. जितना हो सके पानी का सेवन करे साथ ही फलों का रस, नारियल का पानी आदि बार-बार लें।
3. खाली बर्तनों को हमेंशा उल्टा करके रखें।
4. कचरे के डिब्बे को ढ़ककर रखना चाहिए।
5. घर की खिड़की के पास तुलसी का पौधा लगाना चाहिए। यह मच्छरों को पनपने से रोकने में सहायक होता है।
6. मच्छरों को भगाने के लिए कपूर का इस्तेमाल करें। घर के दरवाजों और खिड़कियों को बंद करके कपूर को जलाएं और 20 मिनट तक कमरे को बंद रखें।

7. पपीते के पत्तों को पीसकर पीने से डेंगू कुछ हद तक सही हो सकता है क्योंकि यह प्लेटलिटस की संख्या को लगातार बढ़ाता रहता है।
8. गिलो के पत्तों को काड़ा बनाकर पीने से डेंगू जैसे बुखार पर काबू पाया जा सकता है।
9. आम का रस या मेंगो ड्रिंक को लेने से शरीर में प्लेटलिटस कमी को पूर किया जा सकता है।

डेंगू बुखार खतरनाक जरूर है पर लाइलाज रोग नहीं है। इस बीमारी से बचने का तरीका केवल जानकारी के अनुसार उसका पालन करना है। इस बुखार की अभी कोई दवा नहीं बनी है पर हाल ही में हुए प्रकाशित एक पत्रिका साइंस के अनुसार डेंगू बीमारी से बचने के लिए एक दवा को विकसित किया गया है। बैंडरबिट यूनिवर्सिटी के डा. जेम्स के अनुसार यह दवा डेंगू वायरस को रोकने के साथ इसको बढ़ने से भी रोकेगी।
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