दांतों में कैविटी – करें यह परहेज

दांतों में कैविटी - करें यह परहेज जाने क्या खाएं और क्या न खाएं साथ में जाने घरलू नुस्खे

दांतों में कैविटी का मतलब होता है दांतों के सड़ने पर होने वाला छिद्र कैविटी किसी भी उम्र के इंसान हो सकती है। मुंह में मौजूद एसिड के कारण दांतों के इनेमल खोखले होने लगते हैं। जिसके कारण मुंह में कैविटी का निर्माण होता है। मुंह में मौजूद बैक्टीरिया दांतों कि सतह पर जमा होने लगते हैं। जिसे प्लाक के नाम से जाना जाता है। कैविटी होने के कई कारण हो सकते हैं जैसे ज्यादा मीठा खाना या दांतों में बैक्टीरिया होना।

यदि आप दांतों की कैविटी को सही समय पर नहीं भरते तो आप जो भी कुछ खाते हैं वो आपके दांतों में जाकर फंस जायेगा। इसके इलाज से बेहतर है कि इसको होने से रोका जाएं यदि आपको कैविटी अधिक हो जाएं तो दांतों में दर्द और मसूड़ों में सूजन पैदा हो सकती है आइये जानते हैं दांतों में कैविटी दूर करने के उपचार।

दांतों में कैविटी

नमक

नमक में मौजूद एंटी सेप्टिक और एंटी बायोटिक गुणों के कारण कैविटी के इलाज इस्तेमाल में आता है। नमक दर्द और सुजन को कम करने के साथ साथ मुहं के संक्रमण और बैक्टीरिया की वृद्दि को रोकने में मदद करता है। नमक का इस्तेमाल करने के लिए एक चम्मच नमक को गर्म पानी में मिला लें। फिर इस पानी को मुंह में डाल कर कुल्ला करें। इस समस्या को दूर करने के लिए दिन में दो से तीन बार इसका इस्तेमाल करें। इसके इलावा आधा चम्मच नमक, थोडा सा सरसों का तेल और नींबू का तेल मिलाकर एक पेस्ट तैयार करें। इस पेस्ट के द्वारा मसूड़ों पर मसाज करें। इससे बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं।

मीठे फलों से दूरी

जो फल मीठे होते हैं उससे दूरी बना कर रखनी चाहिए। यदि आप अधिक मात्रा में अंगूर या पीच जैसे फलों का सेवन करते हो तो आपके दांत खराब हो सकते हैं। इसलिए जिन फलों में चीनी की मात्रा कम होती है और फाइबर की मात्रा अधिक होती है। उन फलों का सेवन करना चाहिए इससे आपको कैविटी का खतरा नहीं होता।

हल्दी का इस्तेमाल

हल्दी में एंटी बैक्टीरियल गुण के साथ साथ एंटी इन्फ्लेमेंटरी गुण भी पाएं जाते हैं, जो कैविटी से राहत देते हैं साथ ही मसूड़ों को स्वस्थ रखती है और दांतों को गिरने से बचाती है। प्रभावित दांतों पर हल्दी का पाउडर लगाकर छोड़ दें। फिर थोड़ी देर बाद गुनगुने पानी के साथ कुल्ला कर लें।

लहसुन का इस्तेमाल

लहसुन दांतों के टूटने और कैविटी की समस्या को दूर करने में मदद करता है। यह दर्द से राहत देने और स्वस्थ मसूड़ों और दांतों के लिए भी अच्छा होता है। इसका इस्तेमाल करने के लिए 3 से 4 लहसुन की कली को कुचलकर और 1/4 चम्मच मिलाकर पेस्ट बना लें। फिर इसे दांतों पर लगाकर कुछ समय के लिए छोड़ दें। इसे कुछ दिनों तक नियमित करें। आपको कैविटी से राहत मिलेगी।

पुदीने का इस्तेमाल

पुदीना प्राकृतिक उपचार है जो दांतों को कैविटी से बचाता है। इसलिए जब भी आप मीठा खाना खाते हो तो उसके बाद पुदीने की कुछ पत्तियों को खाने से आपके दांत सुरक्षित रहते हैं।

आयल पुलिंग

आयल पुलिंग बहुत ही पुराना नुस्खा है जो कैविटी को को दूर करने के साथ साथ मसूड़ों से खून निकलना और साँस की बदबू को दूर करता है। इसके लिए तिल के तेल का एक चम्मच को मुंह में रखे। फिर कम से कम बीस मिनट के बाद इसे थूक दें। फिर गुनगुने पानी के साथ कुल्ला करें। आप इस उपाय को सूरजमुखी या नारियल के तेल के साथ भी किया जा सकता है।

नीम का इस्तेमाल

नीम भी कैविटी के इलाज के लिए लोकप्रिय उपाय है। इसकी एंटी बैक्टीरियल गुण बैक्टीरिया के कारण होने वाली कैविटी को दूर करने में मदद करता है। इसके इलावा यह दांतों और मसूड़ों को स्वस्थ और मजबूत बनाने में भी मदद करता है। इसका इस्तेमाल करने के लिए नीम की पत्तियों को दांतों पर रगड़े और कुछ समय के लिए छोड़ दें। फिर गुनगुने पानी के साथ गुनगुने पानी से कुल्ला कर लें। इस उपाय को दिन में एक या दो बार करें।

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