छींक के शकुन और अपशकुन

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पुराने समय से कई मान्यताएं चली आ रहीं हैं। जिन्हें हमे शकुन और अपशकुन कहते हैं। छींक आना एक सामान्य बात है लेकिन हमारे वेदों में छींके आने को शकुन व अपशकुन के साथ जोड़कर देखा जाता है। किसी कार्य के लिए जाते समय कोई छींक दे वह अपशकुन माना जाता है। किन चीजों में छींक अच्छी होती है और किन चीजों में छींक बुरी। आइये जानते हैं इसके पीछे छुपे हुए रहस्य को।

छींक के शकुन और अपशकुन

  • कुछ सामान खरीदते समय यदि कोई छींक दें वह वह चीजें आपको फायदा देती है।
  • व्यवसाय या कारोबार शुरू करने से पहले कोई छींके तो वह सफल माना जाता है।
  • घर से बाहर जाते समय यदि कोई इंसान सामने से छींके तो काम असफल रहता है। और यदि दो बार छींकता है तो कार्य सफल होता है।
  • यदि आपका कोई मित्र या रिश्तेदार आपके घर से जाते समय (कोई छींकता है ) तो कोशिश करें कि वे यात्रा को टाल दें।
  • खाना खाने से पहले छींक की आवज सुनना अशुभ होता है।
  • किसी मरीज के लिए यदि दवा लेते समय छींक की आवज सुनाई देती है तो मरीज जल्दी ठीक होता है।
  • किसी धार्मिक पूजा व अनुष्ठान करते समय कोई छींकता है तो वह पूजा सफल नहीं होती है।
  • नया घर में प्रवेश करते समय यदि कोई छींक दे तो आप घर में ना प्रवेश करें। बेहतर होगा कि आप कुछ घंटों के बाद फिर से प्रवेश करें।
  • सुबह उठते समय और रात को साते समय यदि कोई छींकता है या आपको छींक की आवाज आती है तो वह अशुभ होता है।छींक आना एक प्राकृतिक घटना है। लेकिन इससे वैज्ञानिक तौर पर भी कई दूसरे प्रभाव पड़ते हैं जो आपकी सेहत के लिए हानिकारक हो सकते हैं। छींक का जितना धार्मिक महत्व है उतना ही महत्व इसका हमारी सेहत के साथ भी जुड़ा हुआ है।

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