बच्चों की देखभाल – सर्दी एवं जुकाम का इलाज़

तो जानिए ये घरेलु नुस्खे जो करे आपके बच्चों को सर्दी एवं जुकाम से आज़ाद -जब सर्दी और ज़ुकाम सताती है तो बच्चे तो क्या बड़ो की भी हालत पूरी तरह बिगड़ जाती है। ऐसे में अगर देखा जाय तो सर्दी जुकाम कोई बड़ी बिमारी नहीं बल्कि हमारा शरीर मौसम के हिसाब से ढलने के लिए अपने आप में संतुलित करने की अवस्था है। इसलिए जब हम सर्दी और जुकाम की शिकायत से डॉक्टर के पास जाते भी है तो डॉक्टर का कहना होता है कि आप अगर दवा ले तो एक सप्ताह मे ठीक होंगे और दवा न ले तो सात दिनों में। कहने का अर्थ यही है कि सर्दी के लिए कोई डॉक्टर या दवा अलग से नहीं चाहिए अतः इसके लिए आप खुद अपने शरीर कि अवस्था को पहचान कर इसके लिए उपयुक्त उपचार करे।

सबसे पहले वैदिक वाटिका की ओर से गृह संजीवनी तुलसी के प्रयोग – 

तुलसी

तुलसी आयुर्वेद में अति सुलभ्य अति उत्तम औषधिय तत्व जडी बुटी है। इसके गुण कई हैं, तुलसी के पत्तो में सूर्य किरण कि ऊर्जा को समाये रखने कि क्षमता है । इसके पत्तो कि खुशबू से कई कीटाणु मर सकते है। तुलसी हमारे शरीर के लिए कई रूप से लाभदायक है जैसे हमारे मस्तिस्क , गला, पाचन प्रक्रिया, फेफड़े, चर्म, आखों की रौशनी के लिए उपयोगी है। खास कर सर्दी व जुकाम के समय इसका उपयोग बेमिसाल है। डेढ़ से पाँच साल के आयु के बच्चों को तुलसी के पांच से दस पत्तो को अच्छी  तरह से धो कर उसके रस  को निचोड़े और इसे एक चम्मच  शहद के साथ मिला कर पिलाये या इन पत्तो को चबा कर शहद के साथ खाया जा सकता है। इसके नियमित उपयोग से बच्चों की स्मरण शक्ति बढ़ती है और वे फुर्तीले भी बनते है । 

सारसो तेल

दो टेबलस्पुन सरसो के तेल मे लहसून की  तीन से चार कलियों को कुचल कर तेल के साथ गरम करे, उस गुने -गुने तेल से बच्चे के पाँव, हथेली, रीढ़ एवं छाती पर मालिश करे इससे बदन दर्द से राहत मिलेगी। 

पान के पत्ते

अगर बच्चे को कफ से परेशानी है तो उसे तीन से पाँच पान के पत्तों  को अच्छी  तरह धो कर रस निकाल ले और उसे एक चम्मच शहद के साथ पिलायें।

हरड़

हरड़ अक्सर बाजार में दो किस्म के मिलते हैं।छोटा एवं बड़ा ये दोनों किस्म के हरड़ दवा के रूप में उपयोगी है। इन हरड़ के एक चम्मच पाउडर को एक चम्मच शहद में मिलकर पिलायें। हरड़ त्रिफला में से एक है इसलिए त्रिफलाचूर्ण भी शहद के साथ मिलाकर नियमित रूप लिया जाय तो शरीर में इम्म्युनिटी या रोग निरोध शक्ति बढ़ेगी ।अतः आप हर प्रकार के वाइरल इंफेक्शनो से बच सकते है ।

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