चर्म रोग के लक्षण और उपचार

चर्म रोग बेहद गंभीर रोग है जिसमें त्वचा में दाद के काले निशान पड़ जाते हैं। इसे एक्जिमा भी कहा जाता है। इस रोग के कारण कई तरह की परेशानीयों को झेलना पड़ता है। बारिश और गर्मी के मौसम में इस रोग का सामना अधिक करना पड़ता है।  इस रोग में त्वचा पर खुजली, दर्द, फोड़े, फुंसी, खसरा, छालें  और जलन होती रहती है। आखिर क्यों होता है चर्म रोग ये भी जानना जरूरी है। ताकि समय रहते इस रोग से बचा जा सके। तो चलिए जाने चर्म रोग के लक्षण और उपचार के बारे में।

चर्म रोग के कारण

  • रसायनिक चीजों का ज्यादा प्रयोग करना जैसे साबुन, चूना, सोड़ा और डिटर्जेट का अधिक इस्तेमाल करना।
  •  पेट में कब्ज का अधिक समय तक होने से भी चर्म रोग होता है
  • रक्त विकार होने की वजह से भी चर्म रोग होता है
  • महिलाओं में मासिकधर्म की परेशानी की वजह से भी उन्हें एक्जिमा हो सकता है।
  • किसी एक्जिमा पीड़ित इसान के कपड़े पहनने से भी। यह रोग हो सकता है।
  • अधिक समय धूप में बिताने वाले लोगों को चर्म रोग का खतरा अधिक होता है।
  • शरीर पर अधिक समय तक धूल, मिट्टी और पसीना जमने पर चर्म रोह हो सकता है।
  • आहार लेने के तुरंत बाद एक्सरसाइज करने से चर्म रोग होने की संभावना अधिक होती है।

चर्म रोग के लक्षण

एक्जिमा रोग में त्वचा पर छोटे.छोटे दाने निकलने लगते हैं। और फिर ये लाल रंग में बदलने लगते हैं और इनमें खुजली होती रहती है। और खुजलाने से जलन होती है फिर ये दाग के रूप में त्वचा में फैलने लगता है। गर्मी और बरसात के मौसम में चर्म रोग होने की संभावना अधिक रहती है।
यदि सारे शरीर में एक्जिमा होता है उससे रोगी को बुखार भी आने लगता है।

चर्म रोग के उपचार

नीम का प्रयोग 

नहाने से पहले नीम के पत्तों को पानी में उबाल लें फिर उस पानी को नहाने वाले पानी के साथ मिला कर श्नान करें। इससे आपको चर्म रोग में फायदा मिलेगा। इसके इलावा नीम के नये हरे पत्तों का सेवन सुबह खाली पेट करने से त्वचा के रोगों को मुक्ति मिलती है।

मूली के पत्तों का प्रयोग 

मूली के पत्ते चरम रोग में लाभकारी होते हैं। जब आप चर्म रोग से परेशान होते हैं तब आपको मूली के पत्तों का रस अपने शरीर पर लगाना चाहिए। आप इसका प्रयोग नियमित रूप से करते हो तब आपको कुछ ही समय में चरम रोग से राहत मिल जाती है।

इसके इलावा आप मूली का सेवन भी कर सकते हो। मूली में मैग्नीशियम की मात्रा पाई जाती है। यह तत्व पाचन क्रिया के लिए फायदेमंद होता है। मूली का सेवन करने से पेट साफ़ होता है। जिसके कारण आपको चर्म रोग होने की नौबत नहीं नहीं पडती।

बबूने का फूल का प्रयोग

बबूने का फूल को कैमोकइल फूल भी कहा जाता है। चर्म रोग में यह फूल बहुत ही कारगर होता है। चर्म रोग को ठीक करने के लिए आप बबूने के फूल के रस में रूई के जरिए चर्म रोग के उपर लगाएं। एैसा करने से चर्म रोग से होने वाल खुजली और चर्म रोग दोनों ही ठीक हो जाते हैं। इस उपाय को दिन में दो से तीन बार करें।

गेंदे का फूल

गेंदे के फूल में एंटी बैक्टीरियल के साथ एंटी वायरल तत्व होते हैं जो चर्म रोग में लाभ देता है। गेंदे की पत्तियों को पानी में अच्छे से उबाल लें और दिन में तीन बार चर्म रोग से प्रभावित जगह पर लगाएं। नियमित गेंदा का इस्तेमाल करने से चर्म रोग पूरी तरह से ठीक हो जाता है।अलसी

अलसी के इस्तेमाल से भी चर्म रोग ठीक होता है। अलसी में मौजूद ओमेगा थ्री एसिड शरीर के पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है जिससे चर्म रोग में आराम मिलता है। अलसी के तेल की 1 से 2 चम्मच का सेवन करें।

तिल का तेल

बाजार में आसानी से आपको तिल का तेल मिल जाए। यह तेल भी चर्म रोग को ठीक करता है। एक कटोरी में तिल के तेल को रख लें और उसमें पानी मिला लें और इसे गैस या चूल्हे पर हल्की पर तब तक गर्म करते रहें जब पानी तेल से उड़ जाए तब इस तेल को चर्म रोग से प्रभावित होने वाली जगह पर लगाएं। आपको चर्म रोग से राहत मिल जाएगी। इस उपाय को सप्ताह में दो से तीन दिन में जरूर करें।

अन्य उपाय

चरम रोग होने पर सबसे पहले हल्दी, लाल चन्दन, नीम की छाल, चिरायता, बहेड़ा, आंवला, हरेडा और अडूसे के पत्तों को समान मात्रा में लें अब इन सभी चीजों को पानी में पूरी तरह से फूलने के लिए भिगो दें जब यह सभी चींजे पानी में अच्छे तरीके के साथ फूल जाएं तब इसको पानी से निकाल कर इसको पीस लें।

ध्यान रहें कि इसका पेस्ट ढीला रखें। अब इस पेस्ट से चार गुना अधिक मात्रा में तिल का तेल मिला लें। तिल के तेल से चार गुनी मात्रा में पानी लेकर सारे समान को एक बड़े बर्तन में मिला लें। अब इस मिश्रण को मंद आंच पर तब तक गर्म करें जब तक सारा पानी भाप बनाकर उड़ न जाएं। अब आपका पेस्ट तैयार हैं इस पेस्ट को अपने शरीर पर लगा लें। इसको नियमित रूप से लगाने पर आपको चरम रोग से छुटकारा मिल जायेगा ।

चर्म रोग कष्टदायी रोग है जिसका समय रहते उपचार कराना जरूरी है। क्योंकि यह धीरे.धीर सारे शरीर में फैल जाता है और रोगी को बेहद परेशानी होती है।

इन उपायों के जरिए आप चर्म रोग यानि एक्जिमा से मुक्ति पा सकते हो। यदि एक्जिमा बेहद गंभीर हो तो चिकित्सक को दिखाने में देर न करें।

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