चाणक्य नीति हिंदी में

चाणक्य एक कुशल, बुद्धिमान और अच्छे अथशास्त्री थे। चाणक्य के अंदर हर इंसान को अच्छे से जानने की क्षमता थी वे जानते थे कि सफल होने के लिए इंसान को किन चीजों से दूर रहना चाहिए व किन उपायों के जरिए वह एक सफल इंसान बन सकता है। ये तरीके आज के समय में कोई भी इंसान सफल होने के लिए अपना सकता है। चाणक्य ने जो बाते कहीं हैं यदि उन पर कोई अमल करे तो उसका जीवन सफल हो जाएगा। वैदिक वाटिका आपको चाणक्य की इन्ही नीतियों को बताने जा रहा है।
 
चाणक्य के द्वारा बनाए गए नियमों में पुत्र, भगवान, लक्ष्य, मित्र, डर, ईमानदारी और मनुष्य की भलाई के लिए कई जरूरी बातों पर लिखा गया है। ये सारी बातें इंसान को गंभीर हालतों से सामना व समस्याओं से न घबराना और हमेशा आगे बढ़ने के लिए किन चीजों को अपनाना आदि हैं। हर उम्र के लोगों के लिए चाहे वह छात्र हो या पिता व किसी भी पद पर बैठा इंसान हो चाणक्य के पास आज के समय के हिसाब से हर सवाल का बिलकुल सटीक जवाब होगा।

सफलता के लिए चाणक्य की नीति
1. चाणक्य ने कहा कि इंसान को कभी भी अपने राज दूसरों को नहीं बताने चाहिए। क्योंकि ये इंसान को बर्बाद कर देता है। जितना हो सके अपने राज व रहस्यों को किसी के सामने उजागर मत करो।

2. सबसे अच्छा दोस्त आपकी शिक्षा है। यदि मनुष्य शिक्षित है तो वह हर जगह इज्जत पाता है। जवानी और सुंदरता को शिक्षा हरा देती है।

3. कांटो और दुष्ट लोगों से बचने के केवल दो ही उपाय हैं। एक यह कि इन्हें जूतों से कुचल डालना चाहिए। या फिर उनसे दूर ही रहना बेहतर है।

4. अपनी कमजोरी किसी को मत बताओ। अन्यथा आपका नुक्सान होगा।

5. आंख के अंधे को दुनिय नहीं दिखती है। काम के अंधे को विवेक नहीं दिखता है। नशे में अंधे को अपने से श्रेष्ठ लोग नहीं दिखते हैं और स्वार्थी को कहीं भी दोष नहीं दिखता है।

6. दोस्ती के पीछे हमेशा कोई न कोई स्वार्थ होता है। ऐसी कोई दोस्ती नहीं जिसमें मतलब न हो। यह एक कड़वा सच है।

7. वर्तमान में इंसान को कभी भी अपने भूतकाल का पछतावा नहीं करना चाहिए। ना ही भविष्य के बारे में सोचते रहना चाहिए। विवेक रखने वाला इंसान हमेशा वर्तमान में जीता है।

8. किसी भी काम को शुरू करने से पहले इंसान अपने आप से तीन सवाल पूछे। पहला मैं यह कार्य क्यों कर रहा हूं? दूसरा इसके क्या परिणाम हो सकते हैं? और तीसरा क्या मैं सफल हो सकता हूं? इनका उत्तर जब मिल जाए तभी आगे बढ़ना चाहिए।

9. महान इंसान अपने जन्म से नहीं होता है वह अपने कर्म से महान इंसान होता है।

10. इंसान की सबसे बड़ी कमजोरी यह है कि वह अपने व्यवहार से खुद ही अपने भेद खोल देता है।

11. चाणक्य का कहना था कि भगवान मूर्तियों में नहीं बल्कि इंसान की अनुभूति ही ईश्वर होती है। आत्मा ही आपका मंदिर है।

12. डर इंसान को कमजोर बनाता है। इसलिए चाणक्य ने कहा था कि जैसे ही डर आपके करीब आए उस पर आक्रमण करके उसे नष्ट करे दो।

13. ईमानदारी से यदि कोई भी काम शुरू करें तो असफल होने से न डरें और न हीं उसे छोड़ दें। क्योंकि ईमानदारी से आने वाली चीज इंसान को खुश रखती है।

14. फूल की खुशबू केवल हवा की दिशा में ही जाती है लेकिन एक अच्छे इंसान की अच्छाई हर जगह फैलती है।

15. बुरे मित्र पर विश्वास न करें और अच्छे मित्र पर भी विश्वास न करें क्योंकि जब ये लोग आपसे नाराज होते हैं तो आपके सभी राज को खोल देते हैं।

16. बच्चे को जन्म के 5वें साल तक खूब प्यार देना चाहिए। और 10 साल तक दंडित करना चाहिए। फिर जैसे ही वह 16 वर्ष की उम्र का हो जाए उसे अपने दोस्त की तरह बना लेना।

चाणक्य ने इंसान को वश में करने के लिए कुछ गुण बताएं हैं। जो इंसान धन का लोभी है उसे पैसा देकर, घमंडी इंसान को हाथ जोड़कर, मूर्ख इंसान की बात मानकर और समझदार इंसान को सच से वश में किया जा सकता है।

चाणक्य के अनुसार हर किसी के पास अपनी एक ताकत रहती है जैसे राजा की ताकत उसका बाहुबल होता है। स्त्रियों की ताकत उनकी मीठी वाणी और सुंदरता है। और पंडित की ताकत उसका ज्ञान होता है।

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