चाय के नुकसान – बच्चों के लिए

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क्या आप अपने बच्चे को चाय देते हैं। क्या कभी आपने इस बारे में सोचा है कि बच्चों को चाय देना फायदेमंद है या नहीं। अक्सर हम देखते हैं पुराने समय से हमाने बड़े बूढ़े लोगों ने बचपन से हमें चाय की आदत डलवा रखी है। जिसके पीछे यह तर्क दिया जाता है कि चाय पीने से बच्चे को बीमारियां नहीं लगती है। बच्चे का शरीर मौसमी बीमारियों से बचा रहता है।

चाय अपना प्रभाव बच्चों और बड़ों पर अलग.अलग दिखाती है। बड़े लोगों को यह चाय तो फायदा देती है लेकिन छोटे बच्चों के लिए चाय ठीक नहीं होती है। आइये आपको बताते हैं छोटे बच्चों को चाय क्यों नहीं देनी चाहिए।

कैल्शियम की कमी
चाय का प्रभाव छोटे बच्चों पर बहुत ही बुरा पड़ता है। क्योंकि चाय पीने से बच्चों के अंदर कैल्श्यिम का प्रभाव खत्म होने लगता है। और धीरे.धीरे बच्चे को कैल्श्यिम की कमी हो जाती है। इस कैल्श्यिम की कमी से बच्चे को आगे चलकर घातक रोग लग सकते हैं।

ग्रोथ रूकना
बच्चे को चाय देने से बच्चे के दिमाग की ग्रोथ रूकने के साथ.साथ उसके शरीर और मांसपेशियों आदि की ग्रोथ भी रूक जाती है। जिसकी वजह से बच्चा कमजोर और लंबाई में छोटा भी रह सकता है।

इसके अलावा अन्य परेशानियां भी बच्चे को हो सकती हैं जैसे
बच्चे के स्वभाव चिड़चिड़ा बने रहना
किसी काम में मन ना लगना
शरीर के निचले अंगों में दर्द बने रहना
आंखों का कमजोर होना आदि।

इसके अलावा एक और मिथक यह भी कि यदि चाय में अधिक दूध मिलाया जाए तो इससे छोटे बच्चों पर चाय का किसी भी तरह का प्रभाव नहीं पड़ता है। शोधकर्ताओं के अनुसार दूध को चाय में मिलाने के बाद दूध के से मिलने वाले
विशेष फायदे भी बच्चे के शरीर को नहीं लगते हैं। इसलिए चाय में अधिक दूध डालने का कोई लाभ नही होता है।

चाय की लत क्यों लग जाती है
बचपन से बच्चे को चाय देने से उसे आगे चलकर फिर चाय की लत लगनी शुरू हो जाती है। क्योंकि चाय में मौजूद तत्व हमारे दिमाग पर नशे की तरह काम करने लगाता है। और फिर चाय नशे की लत की तरह लग जाती है।

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