बे्रस्टफीडिंग टिप्स

मां बनते ही महिलाओं की जिम्मेदारियां और भी अधिक बढ़ जाती हैं। जैसे बच्चे की रेख-देख करना और खुद का भी ध्यान रखना आदि। बच्चे के लिए मां का दूध जरूरी होता है इसके लिए मां का भी स्वस्थ होना जरूरी है। यदि आप पहली बार मां बनी हैं तो ब्रेस्टफीडिंग के दौरान कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना आपके लिए बेहद जरूरी है। वैदिकवाटिका आपको बताएगा कैसे नवजात शिशु को स्तनपान करना चाहिए साथ ही मां को भी अपना ख्याल कैसे रखना है आदि।

ब्रेस्टफीडिंग टिप्स

1. बच्चे को दूध पिलाते समय ऐसे कपड़े पहने जिससे आप आसानी से शिशु को बेस्टफीडिंग करा सकें। आप स्ट्रेचवल वाली टीशर्ट पहन सकती हो या कुर्ती को भी पहन सकती हो।
2. शुरूआती दौर में कई बार ब्रेस्ट से दूध टपकता रहता है। एैसे में आप वाशेबल और डिसपोजेबल ब्रेस्ट पैड का इस्तेमाल भी कर सकती हो।
3. एक दुपट्टा अपने साथ रखें जिससे आप ब्रेस्ट और बच्चे को दूध पिलाते समय ढ़क सकें। लेकिन एक बात ध्यान में रहे कि बच्चे को सांस लेने में कोई परेशानी न हो।
4. जब भी नवजात को दूध पिलाएं आप अपनी बे्रस्ट को साफ कपड़े से पोंछकर ही बच्चे को स्तनपान कराएं।
5. शिशु को दूध पिलाने में 40 मिनट से भी अधिक लग सकते हैं ऐसे में बीच में नहीं उठना चाहिए। इसलिए आप अपने आसपास बेबी वाइप्स, शिशु के एक जोड़ी कपड़े, टीवी का रिमोट, पानी की बोतल और पढ़ने के लिए कुछ किताबें भी रख सकती हो।
6. बच्चे को दूध पिलाते समय आप तकिये को अपनी पीठ के पीछे रखकर आराम से बैठें। ताकि आपको भी आराम मिल सके।
7. आप अपनी गोद में एक हल्का तकिया रखें और उस पर बच्चे को लिटाएं। इससे बच्चे का मुंख माता के स्तन के करीब अधिक होगा और आपको भी बच्चे को दूध देने में ज्यादा नहीं झुकना पड़ेगा।
8. हमेशा इस बात का ख्याल रखें की दूध पिलाते समय बच्चे की नाक स्तन से न दबे जिससे उसे सांस लेने में परेशानी हो।
9. दूध पिलाने के बाद बच्चे को गोद में कंधे के सहारे चिपकाकर उसकी पीठ को हल्के से सहलाएं ताकि उसकी डकार निकल सके। एैसा इसलिए किया जाता है ताकि बच्चे के पेट में गैस की वजह से दर्द न हो।

स्तनपान कराने के फायदे मां और बच्चे के लिए

1. बच्चे को मां का पहला गाढ़ा दूध पिलाने से बच्चे का शरीर भविष्य में कई बीमारियों से लड़ने में सहायक होता है।
2. समय-समय पर बच्चे को स्तनपान कराने से भविष्य में बच्चा कैंसर, मोटापा, डायबिटीज और एजर्जी जैसी बीमारीयों से दूर रहता है।
3. नवजात शिशु को दूध पिलाने से कब्ज, दस्त आदि पेट की बिमारियां नहीं लगती है।
4. मां का दूध पीने से शिशु का दिमाग और आईक्यू लेवल ठीक रहता है।
5. ठीक तरह से ब्रेस्टफीडिंग के जरिए बच्चे को भविष्य में दमे की बीमारी नहीं लगती है।
6. शिशु को मां का दूध पीने से हाई ब्लडप्रेशर का खतरा नहीं होता है।

स्तनपान कराने से मां को मिलने वाले फायदे

1. शिशु को दूध पिलाने से आपको तनाव की समस्या कम होती है।
2. इससे बे्रस्ट कैंसर का खतरा कम होता है।
3. स्तनपान कराने से महिलाओं में मेनोपाज और फिर कैंसर नहीं होता है।
4. गर्भावस्था के दौरान बढ़ा हुआ वजन भी बच्चे को दूध पिलाने से कम होता है। ये भी पढे-गर्भावस्था के बाद वजन कम करने वाले आहार

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