गुणकारी और उपयोगी है तिल

तिलों का सेवन सेहत और सौंदर्य के लिए फायदेमंद होता है। इसलिए सर्दियों में तिलों का सेवन अवश्य करना चाहिए। तिलों का सेवन आप कई रूपों में कर सकते हो जैसे गजक, रेवड़ी आदि। यह शरीर में बल को बढ़ाता है। आयुर्वेद के अनुसार तिलों का सेवन करना शक्तिवर्धक और असरकारी है। तिल दो प्रकार के होते हैं। सफेद तिल और काले तिल।काले तिलों का प्रयोग भारतीय समाज में पूजा पाठ में होता आया है। और काले तिल ही सेहत के लिए कारगर होते हैं। आइए आपको बताते हैं
तिलों का आपके शरीर और स्वास्थ पर क्या प्रभाव पढ़ता है।

तिलों में पोषक तत्व भरपूर मात्रा में होता है। और इसमें विटामिन बी भी पाया जाता है। कफ जैसी बीमारी को दूर करने में तिलों का सेवन करना फायदेमंद है।

तिलों के सेवन से भूख बढ़ती है। और यह आपके नर्वस सिस्टम को बल देता है। यह वात, पित्त और कफ को नष्ट करता है।

तिल का तेल शरीर के लिए बहुत ही फायदेमंद है। क्योंकी यह एक एंटीआक्सीडेंट है। तिल के तेल से शरीर में मालिश करने से शरीर में बुढ़ापा जल्दी नहीं आता। इसकी मालिश करने से थकावट भी दूर होती है।

यह बालों को काला, घना और मजबूत बनाता है।

यह त्वचा को सनबर्न से मुक्ति दिलाता है।

सर्दियों में तिल के तेल को त्वचा पर लगाने से त्वचा का रूखापन दूर होता है। और चेहरे में कांती आती है।

कैसे करें तिलों का उपयोग

यदि आपको त्वचा से संबंधित बीमारी है तो आपको नियमित तिल के तेल की मालिश करनी चाहिए। यह त्वचा के रूखेपन को दूर करता है। और आपके चेहरे को चिकना बनाता है।

तिल आपके दांतों के लिए भी बहुत लाभकारी है। यह दातों को मजबूत और चमकदार बनाता है। आपको सुबह ब्रश करने के बाद काले तिलों को बारीक चबाकर खाना चाहिए यह प्राकृतिक रूप से दांतों को सुंदर और मजबूत बनाता है। यदि दांत में दर्द हो तो थोड़ा सा तिल के तेल से मुंह में कुला करें। दांतों के दर्द में राहत देता है।

तिल के तेल को सिर पर लगाने से आपकी बालों की समस्या तो दूर होती ही है, साथ के साथ यह बालों का झड़ना, उनका सफेद होना और गंजेपन की शिकायत दूर करता है।

यदि पेट में दर्द हो रहा हो तो थोड़े से काले तिलों को गुनगुने पानी के साथ सेवन करें।

जोड़ों में दर्द हो या कमर का दर्द हो तो आप तिल के तेल में थोड़ा-थोड़ा हींग और सोंठ डालकर उसे गरम करें और फिर इस तेल की मालिश करें। इससे आपको कमर और जोड़ों के दर्द से राहत मिलेगी।

पैरों पर मोच आने पर तिलों को पीसकर उसे गरम पानी में डाल दें। ध्यान रहे पानी उतना ही हो जिससे तिल का पेस्ट बन सके और इस पेस्ट को मोच वाली जगह लेप कर उस पर कपड़ा बांध ले। राहत मिलेगी।

जले हुए स्थान पर तिलों के पेस्ट में थोड़ा घी और गुड मिलाकर लगाएं।

जो बहने अपने शिशु को स्तनपान कराती है, उन्हें जरूर तिलों का सेवन करना चाहिए। क्योंकि एैसा करने से दूध में बढ़ोतरी होती है।

यदि आपको कब्ज की शिकायत है तो आप गुड़ में 50 ग्राम तिल मिलाकर सेवन करें। आपकी कब्ज की शिकायत दूर होगी।

इस तरह से तिलों को सेवन करने से आपको फायदा होगा। तिलों में बहुत ताकत होती है। सर्दियों में खासतौर पर तिलों का सेवन आप किसी न किसी रूप में जरूर करते रहें।

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