लहसुन के वैदिक फायदे

लहसुन का सेवन करना आपके शरीर के लिए बेहद फायदेमंद है। लहसुन का आयुर्वेद में अहम महत्व है। पुराने समय से ही लहसुन का इस्तेमाल एक कारगर औषधि के रूप में होता आ रहा है। लहसुन में विटामिन एए बी और सी पाए जाते हैं। खतरनाक से खतरनाक बीमारियां खत्म कर देता है लहसुन। लहसुन में छिपे गुणों को यदि आप जानेंगे तो आप इसका उपयोग रोज करेगें। लहसुन के फायदे आपको तभी मिल सकते हैं जब आपको लहसुन के बारे में हर तरह की जानकारी प्राप्त हो। आइये आप को बताते हैं लहसुन में छिपे गुणों को।

लहसुन ( garlic)  वैदिक फायदेः

कान में कीड़ा जाना

यदि कान में कीड़ा घुस गया हो तो आप लहसुन की दो कलियों को सूरजमुखी के तेल में डालकर गर्म कर लें और इस तेल की कुछ बूंदे कान में डालने से कान का कीड़ा बाहर आ जाता है।

घाव ठीक करना

चोट की वजह से होने वाला घाव को आसानी से ठीक करता है लहसुन। लहसुन की कलियों को पीसकर सरसों के तेल में उबाल कर घावों पर लगाएं। इस उपाय से घाव तुरंत ठीक होते हैं।

बुखार में लहसुन

बुखार में भी बहुत ही फायदेमंद होता है लहसुन। बुखार ठीक करने में लहसुन एक कारगर औषधि से कम नहीं है।

प्लेटलेटस बढ़ाता है

शरीर में प्लेटलेटस की कमी की वजह से इंसान की जान तक जा सकती है। यदि खून में प्लेटलेट की कमी हो गई हो तो इसके लि लहसून और नमक को बराबर मात्रा में सेवन करें।

कैंसर से बचाता है
लहसुन कैंसर जैसी भयंकर बीमारी की रोकथाम करने में आपके शरीर की प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाता है। लहसुन की कच्ची कली खाना प्रोस्टेट कैंसर में फायदेमंद है। यह ब्रेस्ट कैंसर को भी रोकता है।

दांत का दर्द ठीक करता है
दांत के दर्द में लहसुन का सेवन फायदेमंद है। यदि कीड़ा लगने से दांत में दर्द हो तो आप लहसुन के टुकड़ों को गर्म करें और उन टुकड़ों को दर्द वाले दांत पर रखकर कुछ देर तक दबाएं। एैसा करने से दांत का दर्द ठीक हो जाता है।
इन्फलुएन्जा
फ्लू यानी इन्फलुएन्जा में सुबह उठकर गर्म पानी के साथ लहसुन और प्याज का रस पीने से फ्लू से निजात मिलता है।

हाई ब्लडप्रेशर
रोज सुबह में लहसुन की 2 कली छीलकर पानी के साथ निगल लेने से हाई ब्लडप्रेशर काबू होता है।

गर्भावस्था
गर्भावस्था (pregnancy) के दिनों में गर्भवती महिलाओं को लहसुन का सेवन नियमित करना चाहिए एैसा मां और उसके बच्चे के लिए फायदेमंद होता है और गर्भ में शिशु को पोषण भी मिलता है।
ट्यूमर
लहसुन खाने से ट्यूमर को 70 फीसदी तक कम किया जा सकता है।

प्राकृतिक एंटीबायोटिक
लहसुन पूरी तरह से एंटीबायोटिक है। इसलिए फोड़े होने पर लहसुन को पीसकर उसकी पट्टी बांधने से फोड़े मिट जाते हैं।

टीबी की समस्या

टीबी और खांसी जैसी बीमारियों को दूर करने में लहसुन लाभकारी है। लहसुन के रस की बूंदों को रूई में भिगोकर सूंघने से सर्दी ठीक हो जाती है।

गठिया रोग में
यह जोड़ों और गठिया के रोग में बहुत लाभकारी है।

दिल की बीमारी में
यदि रोज आप लहसुन की 5 कलियां खायें तो आप हृदय संबंधी रोगों से बचे रहेगें।

बालों के लिए फायदेमंद
लहसुन आपके बालों को काला करने में भी सक्षम हैए 10 ग्राम शहद में लहसुन की 5 कलियों को पानी के साथ पीस लें और इस मिश्रणं को सुबह.शाम लेते रहें। लहसुन शुगर यानी डायबिटिज के बढ़े स्तर को नियंत्रित करता है।
अस्थमा की बीमारी
लहसुन की दो पिसी कलियां अदरक की गरम चाय के साथ लेने से अस्थमा की बीमारी से निजात मिलता है।

लहसुन के तेल की मालिश से बदन दर्द दूर हो जाता है।

ठंठ के दिनों में लहसुन खाने से ठंठ नहीं लगती।

झनझनाहट होने पर
यदि आपको नसों में झनझनाहट होती हो तो इससे बचने के लिए आप कच्ची कली लहुसन की खाएं।

बीमारी से लड़ने में
शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है लहसुन। जिससे शरीर को कोई बीमारी आसानी से नहीं लगती है।

डायरिया की समस्या में
लहसुन पेट संबंधी बीमारियों को भी ठीक करता है। डायरिया होने पर यदि सुबह खाली पेट कच्चा लहसुन खाने से इस रोग से आराम मिलता है।

भूख न लगना
यदि आपको भूख न लगने की समस्या हो तो लहुसन का प्रयोग करें। लहसुन खाने से भूख न लगने की समस्या ठीक होती है। लहसुन भूख को बढ़ाता है।

घबराहट
यदि घबराहट होने की समस्या रहती हो तो लहसुन आपको इस समस्या से बचा सकता है। कच्चा लहसुन का सेवन करने से घबराहट और तनाव कम होता है।

क्षयरोग में यानि तपेदिक में
तपेदिक की समस्या होने पर दिन में एक बार लहसुन की गांठ का सेवन रोज करें। आप चाहें तो लहसुन को भूनकर भी खा सकते हैं।

बदन दर्द
लहसुन के तेल से मालिश करने से बदन की अकड़न और दर्द दोनों दूर होते हैं।
लहसुन के अन्य फायदे

    बालों को काला करने में भी सक्षम होता है लहुसन
दस ग्राम शहद में लहसुन की पांच कलियों को पानी के साथ पीसकर इसके पेस्ट को रोज सुबह और शाम में लेते रहें।
लहसुन की 8 कलियों को एक कप तिल के तेल में डालकर इसे गर्म कर लें। और इसे ठंडा करके कमर और जांघों पर इसकी मालिश करें। यह उपाय सइटिका के दर्द को ठीक करता है।
एंटीबैक्टिरियल तत्व होने की वजह से लहसुन बुखारए दस्त और घावों आदि रोगों को ठीक करता है।

लहसुन एक कारगर वैदिक औषधि है। जिसका नियमित सेवन करने से आप कई रोगों से बच सकते हो।

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