बहरेपन के लक्षण, कारण और घरेलू उपचार

आज हम बात करेगें बहरेपन के लक्षण, कारण और घरेलू उपचार के बारे में। अगर हम बहरेपन की बात करें तो इस शोर से भरे हुए दौर में बहरापन एक आम बात है। बहरापन ध्वनी को सुनने की शक्ति कम होने की स्थिति को कहते हैं।

इसमें केवल सुनने की शक्ति ही कम नहीं होती, बल्कि व्यक्ति की समाजिक और मानसिक परेशानी भी बढ़ जाती है। ऐसे में जब भी कोई व्यक्ति बोलता है तो वह ध्वनी तरगों के द्वारा हवा में कंपन पैदा करता है। बहरापन एक या फिर दोनों कानों को प्रभावित कर सकता है।

ऐसे में व्यक्ति के कानों में सिटी बजने जैसे आवाज आती हैं और कई बार उसे चीखने चिलाने की आवाज भी नहीं सुनाई देती ऐसे में आप कुछ घरेलू उपाय कर सकते हैं जैसे तुलसी और सरसों का प्रयोग, सरसों और धनियां, हींग और दूध, प्याज, सरसों और लहसुन का प्रयोग आदि  आइये जानते हैं बहरेपन के कारण, लक्षण और इसके घरेलू उपचार के बारे में।

बहरेपन के कारण

  • उम्र बढ़ने के साथ बहरेपन की समस्या एक प्राकृतिक घटना है,
  • व्यावसायिक जोखिम,
  • गलत दवाइयों का सेवन,
  • मोम का कान डालने से,
  • कान में संक्रमण,
  • अधिक मोबाइल का उपयोग,
  • अधिक समय शोर में रहना,
  • कान में हड्डीयों का विकास आदि ।

बहरेपन के लक्षण

कम सुनना या बहरेपन के लक्षणों का हमें धीरे धीरे से पता चलता है। जिसके कारण इसका सही समय पर उपचार नहीं हो पाता। लेकिन जब भी आपको इसके लक्षणों के बारे में पता चले तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, बल्कि डॉक्टर के पास जाकर इसका इलाज करवाना चाहिए। इसके लक्षण कुछ इस प्रकार से हो सकते हैं

  • कानों मे सिटी की आवाज़ सुनाई देना,
  • कम सुनाई देना या ऊंचा सुनाई देना,
  • किसी से फोन पर बात करने में परेशानी होना,
  • तेज आवाज में टी.बी सुनना,
  • दुसरो से बात करने में असमर्थ होना,
  • दुसरो को जोर से बोलने को कहना आदि।

बहरापन को दूर करने के घरेलू उपाय

तुलसी और सरसों का प्रयोग

तुलसी के पत्तों में सरसों का तेल मिलाकर गर्म करें, फिर उस तेल को ठंडा करके कान में डालें। इससे आपका बहरापन दूर हो जाता है।

सरसों और धनियां का प्रयोग

सरसों के तेल में कुछ धनिये के डाल कर पकाएं, जब यह मिश्रण आधा रह जाएं तब इसे छान कर कान में एक एक बूंद करके डाले।

बेल और सरसों का प्रयोग

एक चम्मच बेल के पत्तों का रस, एक चम्मच अनार के पत्तों का रस दोनों को 100 ग्राम सरसों के तेल में पकाएं। जब यह आधा रह जाए तब इसे उतार लें। इस तेल को नियमित रूप से कान में डालने से आपका बहरापन दूर हो जाएगा।

हींग और दूध का प्रयोग

दूध में चुटकी भर हींग डालकर अच्छे से मिलाएं, फिर उसे अपने कान में डालें। इससे आपका बहरापन दूर हो जायेगा।

लहसुन और सरसों का तेल का प्रयोग

लहसुन की सात – आठ कलियों को सरसों के तेल में तब तक गर्म करे, जब तक यह काली न हो जाए, फिर इसे छान लें, इस तेल को बूंद बूंद करके कान में डालें। इससे आपका बहरापन दूर होने लगता है।

प्याज का प्रयोग

बहरापन दूर करने के लिए प्याज बहुत ही गुणकारी उपाय है। बहरापन दूर करने के लिए प्याज बहुत फायदेमंद होता है। जब आप कान में सफेद प्याज का रस डालते हैं तब आपका बहरापन दूर हो जाता है।

दालचीनी का प्रयोग

कान में दालचीनी का तेल नियमित रूप से डालने से बहरेपन में लाभ मिलता है ।

बहरेपन से कैसे बचे

जब भी आप स्नान करते हैं तो इस बात का ध्यान रखे कि साबुन वाला पानी या साधा पानी कान के अंदर न जाए, क्योंकि इससे कान में संक्रमण हो सकता है। जिससे बहरापन आ सकता है।

  • इससे बचने के लिए छोटे बच्चों को नदी, नालों, और झरनों में नहीं नहाना चाहिए।
  • बच्चों को घर में टी.बी ऊंची आवाज में नहीं देखने देना चाहिए।

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