तुलसी एक गुणकारी औषधी है

तुलसी को प्राचीन समय से मानव शरीर के लिए उपयोगी बताया गया है। तुलसी के पौधे को घर के आंगन में लगाना प्राचीन काल से ही चला आ रहा है जिसका अपना महत्व है। पावन तुलसी को घर के आंगन में लगाने के कारण घर का वातावरण शुद्ध रहता है। वैदिक काल से चिकित्सकों द्वारा तुलसी का उपयोग उपचार के लिए प्रयोग किया जाता रहा है। तुलसी की पत्तियों और बीजों के गुणों को सम्पूर्ण विश्व ने स्वीकारा है। तुलसी शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करती है जो महामारियों से शरीर की रक्षा करता है।

 

विश्व में तुलसी का प्रयोग किया जाने लगा है। इसकी सुगन्ध, पोषक तत्व, विटामिन की वजह से वैज्ञानिकों ने तुलिसी के गुणों को पूरे विश्व के सामने उजागर किया है।
तुलसी का उपयोग किन बीमारियों को दूर करने के लिए किया जाता है। प्राचीन समय से ही तुलसी का प्रयोग ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाने और रक्त शर्करा को स्थिर करने के लिए किया जाता रहा है। साथ ही इसका उपयोग मधुमेह, नपुंसकता और बांझपन के साथ-साथ एलर्जी दूर करने के लिए किया जाता है।

सूजनरोधी गुण (Anti inflammatory properties)
तुलसी के पत्तों में मौजूद यूजीनाॅल सिट्रोनिलाॅल, लिनालाल जैसे तत्वों से आंतों की सूजन और जलन दूर होती है इसके साथ-साथ जोड़ो की गठिया में तुलसी के पत्ते लाभकारी होते हैं।
 
 नेत्र विकार (Eye disorders)
तुलसी में विटामिन ए और जियानथिन मौजूद होने की वजह यह नेत्र विकार को दूर करने में लाभदायक है। प्रतिदिन रात को सोने से पहले काली तुलसी जिसे श्यामा तुलसी भी कहा जाता है। इसके पत्तों के रस की दो बूंदे आंखों में डालने से आंखों की जलन दूर होती है और यह रतौंधी जैसी समस्या को दूर करता है।

मुंह संबंधी संक्रमण में (Mouth Infection)
प्रतिदिन तुलसी के कुछ पत्तों को चबाने से मुंह संबंधी विकार तो दूर होते ही हैं साथ ही यह मुंह की दुर्गंध भी दूर करती है। और आपको तरोताजा रखती है।
 
 गुर्दे की पत्थरी में लाभकारी (Kidney Stones)
यदि गुर्दे की पत्थरी है तो आप 6 माह तक प्रतिदिन तुलसी के पत्ते का रस शहद के साथ मिलकार सेवन करें यह गुर्द की पत्थरी से मुक्ति दिला सकता है। तुलसी गुर्दे को मजबूती देती है।
 
 त्वचा संबंधी विकार में तुलसी का प्रयोग (Skin Disorders)
तुलसी में मौजूदा विटामिन होने की वजह से तुलसी के पत्तों का लेप बनाकर उसे तेल के साथ लगाने से दाद और अन्य त्वचा संबंधी विकार दूर होते हैं। यह सफेद दाग के उपचार में भी लाभकारी है।
 
सिर का दर्द में तुलसी (Headaches)
यदि सिर दर्द से परेशान हों तो 1 कप पानी में तुलसी की पत्तियों को उबालकर उसे आधा कर लें और हर एक घंटे के बाद दो चम्मच इसकी लें। यह सिर का दर्द दूर करेगा। यदि आप तुलसी के पत्तों को पीसकर चंदन के साथ इसका लेप माथे पर लगाते हैं तो इससे आपको मानसिक शांति मिलेगी और सिर दर्द में राहत भी।
 
गले की समस्या (Sore Throat)
यदि गले में खराश हो तो तुलसी के पत्तों का काढ़ा बनाकर उसका गरम पानी से गरारे करें। एैसा करने से गले को आराम मिलता है।
 
बुखार में तुलसी का उपयोग (Fever)
बुखार में तुलसी रामबाण की तरह काम करती है। थोड़ी सी इलायची, चीनी और तुलसी के पत्तों को 2 गिलास पानी में दूध मिलाकर उबालें और इसे ठंडा कर लें। फिर रोगी को दो से तीन घंटे के बाद देतें रहे। एैसा करने से बुखार का तापमान गिर जाएगा। बच्चों में बीमारी में तुलसी का उपयोग यदि बच्चों को कफ, बुखार, उल्टी और दस्त हो तो तुलसी के पत्तों का रस बच्चे को देते रहने से लाभ मिलता है।
 
श्वास संबंधी रोग (Respiratory Disorders)
ब्रोन्काइटिक्स, खांसी, इन्फलूएंजा और अस्थमा को दूर करने के लिए तुलसी के नए और ताजे पत्तों को अदरक और शहद में मिलाकर उबाल लें और रोगी को दें। कुछ दिनों तक नियमित सेवन करने से लाभ मिलेगा।
 
 तुलसी के अन्य फायदे (Other Advantages of Basil)
1. यदि पैरों को लकवा हो तो तुलसी के बीजों को पीसकर नियमित लेप करें।
 
2. भोजन करने का मन न हो, या भूख नहीं लग रही हो तो तुलसी के बीजों का चूर्ण बनाकर शहद के साथ मिलाकर चाटने से लाभ होगा।
 
3. स्मरण शक्ति मे भी तुलसी लाभकारी है। तुलसी की पत्तियों का रस सुबह खाली पेट पानी के साथ लें। यह आपकी स्मरण शक्ति को बढाएगा।
 
4. ठंठ में बुखार से यदि परेशानी हो रही हो तो आप पुदीना, तुलसी की पत्ती और अदरक को 5-5 ग्राम लेकर काढ़ा बना लें और इसका सेवन करें इससे आपको पूरा फायदा होगा।
 
5. गले में यदि दर्द हो तो शहद में तुलसी की पत्तियों का रस मिलाकर सेवन करें।
 
6. तुलसी की पत्तियों को सुखाकर उसका पेस्ट बना लें और चेहरे पर इस पेस्ट को लगा लें। एैसा करने से चेहरे में कांति आती है।
 
जो इंसान तुलसी की पत्तियों का सेवन रोज करता है वह अनेक प्रकार के गंभीर रोगों से मुक्त रहता है। सामान्य रोग जैसे जुकाम, सर्दी, बुखार, खुजली, दांत का दर्द, मुहांसे, दस्त, गले का दर्द, आंखों का रोग जैसी अनेक समस्याएं खत्म हो जाती है। इसलिए प्रचीन समय से ही तुलसी को महत्व दिया जाता रहा है। तुलसी की माला गले में पहनने से भी लाभ मिलता है।
 

sehatsansar youtube subscribe
डिसक्लेमर : sehatsansar.com में जानकारी देने का हर तरह से वास्तविकता का संभावित प्रयास किया गया है। इसकी नैतिक जिम्मेदारी sehatsansar.com की नहीं है। sehatsansar.com में दी गई जानकारी पाठकों के ज्ञानवर्धन के लिए है। अतः हम आप से निवेदन करते हैं की किसी भी उपाय का प्रयोग करने से पहले अपने चिकित्सक से सलह लें। हमारा उद्देश्य आपको जागरूक करना है। आपका डाॅक्टर ही आपकी सेहत बेहतर जानता है इसलिए उसका कोई विकल्प नहीं है।