बीमारियों का आयुवेर्दिक उपाय

हर बीमारी को जड़ से खत्म करती है आयुर्वेद यह प्राचीन चिकित्सा पद्धति है जो अलग-अलग बीमारियों का सटीक अनुमान लगाकर उनसे आपको मुक्त करती है। एैसी ही कुछ बीमारियां हैं जिन्हें आयुर्वेद के जरिए जड़ से खत्म किया जा सकता है। और फिर दोबारा ये बीमारियां शरीर पर नहीं लगती है। वहीं दूसरी ओर आधुनिक चिकित्सा आपको थोड़ी देर के लिए रोगों से राहत तो देती है लेकिन अन्य दूसरी बीमारियों को शरीर में लगने का मौका भी दे देती हैं। जिनके इफेक्ट से शरीर कमजोर और रोगग्रस्त हो जाता है।
आयुर्वेद में कई बीमारियों का इलाज छुपा हुआ है जो आज वैदिक वाटिका आपको एक-एक कर इन रोगों के बारे में बताएगा और उनका इलाज भी। ताकी आपकी सेहत ठीक रहे और लंबे समय तक जीवन जीएं।

ये कुछ एैसी बीमारियां हैं जो सुनने में तो सामान्य लगती हैं लेकिन समय पर ध्यान न देने से ये बडे़ रोगों में बदल जाती हैं। इसलिए शुरूआत में ही इन पर रोक लगानी जरूरी है ।

कब्ज की दिक्कत

1. कब्ज की  दिक्कत को दूर करने के लिए रात को सोने से पहले ताजे पानी के एक गिलास में शहद को घोलकर पीने से कब्ज की दिक्कत दूर होती है।
2. सुबह उठकर खाली पेट 4 से 5 मुनुक्के और 4 काजू एक साथ खाने से कब्ज से राहत मिलती है।
3. जितना हो सके सलाद में टमाटर, मूली, शलजम और पालक आदि को शामिल करें।

खांसी की परेशानी
खांसी का रोग बेहद पीड़ादायक और परेशान करने वाला होता है। यदि सही समय पर खांसी का उपचार न हो तो यह गंभीर रोग बन जाती है।
खांसी को दूर करने के आयुर्वेदिक उपाय-
1. यदि सूखी खांसी हो तो 1 चम्मच शहद को दिन में 3 बार लें।
2. खांसी से निजात पाने के लिए काली मिर्च को पीसकर उसका चूर्ण बना लें और इसे देशी घी में भूनकर सेवन करें।
3. अदरक और तुलसी के पत्तों के रस को शहद में मिलाकर दिन में 3 बारी लेने से खांसी में राहत मिलती है।

हृदय रोग
हृदय रोग यानि दिल की बीमारी जो जानलेवा भी होती है। इस रोग से दूर रहने के लिए आंवले के चूर्ण को दूध के साथ घोलकर पीने से हृदय रोग दूर हो जाता है। 
2. पानी में नींबू का रस मिलाकर पीने से दिल की कमजोरी दूर होती है।

बुखार होने पर
1. बुखार की समस्या में नारियल का पानी पीने से शरीर की गर्मी कम होती है साथ ही बुखार कम भी हो जाता है।
2. कच्चे लहसुन के टुकड़ों को खाने से भी बुखार में राहत मिलती है।
3. अधिक से अधिक पानी का सेवन बुखार में जरूरी होता है।
4. तुलसी के पत्तों को पानी में डालकर पीने से बुखार में राहत मिलती है।

पेट दर्द के लिए
1. पेट दर्द होने पर अदरक के रस में थोड़ी चीनी और नींबू का रस मिलाकर सेवन करने से पेट दर्द में राहत मिलती है।
2. 2 ग्राम हींग के चूर्ण को पानी के साथ पीने से पेट दर्द में आराम मिलता है।
3. नींबू के टुकडे पर काला नमक लगाकर चाटने से पेट दर्द ठीक होता है।

कान में दर्द
1. नीम के पत्तों को पानी में उबाल लें और इसकी भाप को कान में जाने दें। एैसा करने से कान का मैल और दर्द दोनों ठीक हो जाता है।
2. लौंग को सरसों के तेल में जला लें और फिर इसकी कुछ बूंदों को कान पर टपकाने से कान के दर्द से राहत मिलती है।

 दांत दर्द में
1- दांत दर्द में अदरक के टुकड़े को दर्द वाली जगह पर रखने से दांत दर्द में राहत मिलती है।
2- प्याज का टुकड़ा दांत के दर्द वाली जगह पर रखने से भी दांत दर्द में राहत मिलती है।

इन आयुवेर्दिक उपायों से आपको ये रोग  नहीं लगते हैं। लेकिन थोड़ा समय जरूर लगता है। आपको यदि किसी भी बीमारी का आयुवेर्दिक उपचार कराना हो तो यह थोडा वक्त लेती है। लेकिन बीमारियों को जड़ से भी खत्म कर देती है।

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