सायटिका का आयुर्वेदिक उपचार और लक्षण

साइटिका रोग आजकल हर उम्र के लोगों में देखा जा रहा है। जिसकी मुख्य वजह है हमारा रहन सहन यानि जीवनशैली । गलत तरह से उठने बैठने की वजह से नसों में जो दर्द होता है वह साइटिका कहलाता है। यह दर्द खासकर पैरों की नसों तक होने लगता है। ये और भी कई वजहों से होता है इसलिए आपको हर उस कारण के बारे में पता होना चाहिए जिससे साइटिका का दर्द होता है। साइटिका का मुख्य कारण है। कंप्यूटर व टेबल पर अधिक देर तक काम करते रहना। घंटो तक एक ही जगह पर काम करना। इन कारणों से नसों में तनाव आता है और पैरों और पीठ में दर्द के साथ अकड़न और ऐंठन होने लगती है। जिस वजह से चलने फिरने में भी दर्द होने लगता है।

 

सायटिका लक्षण

  • साइटिका में पैरों को उठाने में परेशानी होती है साथ ही पैर की उंगलियां भी नहीं उठ पाती हैं।
  • शरीर के किसी भी हिस्से को दबाने व छूने से दर्द होना।
  • अचानक से दर्द होना। 
  • जलन होना।
  • हल्का-हल्का दर्द होना आदि।

इलाज

सायटिका रोग के इलाज में देरी और सही तरह का खान-पान न खाने से यह रोग गंभीर हो सकता है। जिस वजह से रोगी का चलना फिरना बंद हो सकता है साथ ही साथ खड़े होने में गंभीर दर्द का सामना करना पड़ सकता है।

 

आयुवेर्दिक उपचार

  • 10-10 ग्राम की मात्रा में अश्वगंधा पाक को दूध के साथ सेवन करने से सायटिका दर्द में शांति मिलती है।
  • महाबला तेल, महानारायण तेल या महाविषगर्भ तेल से भी मालिश करने से सायटिका दर्द में आराम मिलता है। ये तेल आपको किसी भी आयुवेर्दिक दवाखाने में आसानी से मिल सकते हैं।
  • दूध में लहसुन को देर तक उबालकर खीर बनाकर खाने से सायटिका दर्द से राहत मिलती है।
  • एरंड के बीजों की 10 ग्राम गिरी को दूध के साथ देर तक उबालें और सुबह में इसको पीएं। इस उपाय से सायटिका दर्द ठीक होने लगता है।
  • दशमूल का काढ़ा बनाएं और इसे अच्छे से छानकर उसमें थोडी सी भुनी हुई हींग मिलाकर सुबह-शाम पीएं। 
  • सायटिका से पीडि़त लोगों को वात विकार वाली चीजें नहीं खानी चाहिए। और ठंड के दिनों में पूरी बाजू के गरम कपड़े पहनने चाहिए। रात में गरम जुराबें पहनकर सोना चाहिए। हमेशा गुनगुने पानी से ही नहाना चाहिए। घर के अंदर नंगे पैर न घूमें।
  • साइटिका का दर्द बेहद परेशानी देने वाला होता है। इसका इलाज है व्यायाम करना। व्यायाम इस तरह के हों जिसमें शरीर को आगे की और खीचना आदि होता हो। व्यायाम करने से दर्द वाली नसों पर दबाव पड़ता है। और आपको राहत मिलती है।

क्या न करें

  • भारी सामान न उठाएं।
  • ज्यादा उंची सैंडिल व जूते न पहनें।
  • वेस्र्टन टॉइलेट का प्रयोग करें।
  • आगे की ओर न झुकें।
  • गर्म पानी की बोतल से सिकाई करें।
  • नरम गद्दे पर न सोएं।

साइटिका उम्र के साथ अधिक बढ़ती है इसलिए शरीर की हडडियों को लचीला बनाए रखने के लिए व्यायाम करें।

आसन कौन से करने हैं

  • मकरासन
  • मत्सयासन
  • भुजंगासन
  • वायुमुद्रा
  • वज्रासन
  • क्ररीडासन आदि

इन सभी आसानों में से मुख्य आसन जो आपकी रीढ़ की हड्डी को लचीला और दर्द से राहत दे सकता है वह है वज्रासन। इन योगों को योग गुरू की देख-रेख मे ही करें।

आधुनिक चिकित्सा

साइटिका का इलाज आधुनिक तौर तरीकों से भी किया जा सकता है जैसे फिजियेाथेरपी और डाक्टर की सलाह से ली जाने वाली दवाएं और सर्जरी आदि मुख्य है।

सिकाई और कसरत से कुछ ही महीनों में साइटिका के दर्द से राहत मिल सकती है।

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