अंगों का फड़कना और शकुन

 

शरीर के अंगों का फड़कन बहुत महत्वपूर्ण होता है। अंगों का फड़कना शरीर में प्राकृतिक घटना होती है जो कभी अचानक से होती है। प्राचीन समय से ही यह विषय महत्वपूर्ण रहा है। हर किसी इंसान का अंग कभी न कभी अचानक फड़कने लगता है। और हर कोई जानना चाहता है कि अंगों के फड़कने का क्या मतलब होता है साथ ही यह किस तरह ये जीवन को प्रभावित कर सकता हैं। आजकल के वैज्ञानिक युग में भी आप कभी ये कह देते हैं कि मेरी बांयी आंख फड़क रही है। यह विषय बेहद जानने योग्य है। और शरीर के हर अंग के फड़कने का एक विषेश महत्व होता है। आइये जानते हैं इन महत्वों के बारे में।

 

आंख फड़कना
यदि दांयी आंख फड़कती है तो यह शुभ संकेत का सूचक माना जाता है। और यह लाभ देने वाला भी होता है। वहीं यदि बांयी आंख का फड़कना कष्टदायी होता है जो हानी ही हानी देता है।

 
पलक फड़कना
बांयी पलक फड़कना विपत्ति और दिक्कतों का सूचक माना जाता है। और दांयी पलक का फड़कना खुशी और आनंनद का सूचक होता है।

 
नाक फड़कना
नाक का फड़कना भी शुभ संकेतों का सूचक होता है।

 

 

सिर का फड़कना
जब कभी सिर फड़कता है यह सफलता का संकेत देता है। यदि सिर पिछे भाग से फड़कता है तो माना जाता है कि उस व्यक्ति की मनोकामना पूरी होगी।

 
भंवे फड़कना
यदि भंवे फड़कती है तो समझे आपको किसी से प्रेम होने वाला है। यह प्रेम का सूचक होती है।

 
गरदन का फड़कना
गरदन फड़कने का मतलब है कि किसी सुंदर स्त्री का साथी बनना और यह फड़कन लाभदायक भी होती है।

 
जीभ फड़कना
यह बेवजह की क्लेश को पैदा करता है। इसलिए जीभ फड़कना शुभ नहीं माना जाता।

 
हाथ का फड़कना
यदि बांया हाथ फड़कता है यह वेदना और तनहा देने वाला होता है। और यदि दांया हाथ फड़के तो आपको प्रतिष्ठा और सम्मान की प्राप्ती होती है। यह यश को भी बढ़ाता है।

 
पैरों का फड़कना
दाहिना पैर फड़कना नाश और विपत्ति का सूचक होता है। वहीं बांया पैर का फड़कना सफलता और सुफल यात्रा का सूचक होता है।

 
बांह का फड़कना
दाहिनी बांह का फड़कना का मतलब शुभ और प्रसन्नता होता है। वहीं दूसरी ओर बांयी बांह का फड़कना चिन्ता और विपदा का संकेत देता है।

 

दिल का फड़कना अशुभ संकेत होता है।
इन बातों का ज्ञान हर इंसान को होना चाहिए ताकि उसे कुछ चीजों का अनुभव पहले से ही हो सके। हर अंग के फड़कने का अपना-अपना महत्व होता है। प्राचीन वेदों में इस बारे में हमें पहले ही बता दिया था। जिसे वैदिक वाटिका ने आपके समाने रखा।

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