आंवले के फायदे और नुकसान

आंवले के गुण, फायदे और नुकसान

आज हम बात करेगें आंवले के गुण, फायदे और नुकसान के बारे में। आंवले में ऐसे बहुत से गुण होते हैं जो हमारी सेहत के लिए स्वास्थ्यवर्धक होते हैं। आंवला को सबसे अधिक आयुर्वेदिक घटक के रूप में भी जाना जाता है। यह भोजन और दवा दोनों में उपयोग होता है। इस छोटे से फल में असंख्य स्वास्थ्य लाभ पाएं जाते हैं।

इसका वनस्पति नाम एम्बलोका आफिजिनालिस या फिलेंथस इमिब्ल्का है आंवले में बहुत ही शक्तिशाली एंटी ऑक्सीडेंट है जो कि मुक्त कणों से होने वाली सेल ऑक्सीकरण को रोकती है। यह एंटी ऑक्सीडेंट बढ़ती हुई उम्र, मधुमेह और ह्रदय रोग को रोकने के लिए यह महत्वपूर्ण होता है। इसका इस्तेमाल करने से त्वचा में दमक आती है।

आंवले का प्रयोग जब हम अपने बालों पर करते हैं तो इससे हमारे बाल काले और शायनी हो जाते है। इसका रस पीने से आँखों को फायदा मिलता है। इसके साथ ही यह पाचन के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है। आइये जानते हैं आंवले के गुण, फायदे और नुकसान के बारे में।

आंवले के गुण

इसका इस्तेमाल कई बीमारियों के उपचार के लिए किया जाता है और इसका व्यापक रूप से आयुर्वेदिक उपचार में उपयोग किया जाता है। आंवला विटामिन सी में बहुत ही समृद्द है और कई खनिज और कैल्शियम, फास्फोरस, आयरन, कैरोटीन और विटामिन बी काम्प्लेक्स जैसे विटामिन शामिल होते हैं।

आंवले के स्वास्थ्य लाभ

आँखों के लिए

शहद के साथ आंवले का रस पीने से आपकी दृष्टि में सुधार आता है। अध्ययनों से इस बारे में पता चला है कि यह अंतर ओक्युलर तनाव को कम कर, निकटता और मोतियाबिंद में सुधार करता है। विटामिन ए और कैरोटीन मेक्युलर डिएनेजरेशन, रात अंधापन को कम करता है और इसका नियमित सेवन करने से आपकी दृष्टि मजबूत होती है। जरुरत से ज्यादा विटामिन करते हैं नुकसान जाने कैसे

मधुमेह के लिए फायदेमंद

आंवला कोशिकाओं के पृथक समूह को उत्तेजित करता है जो हार्मोन इन्सुलिन को छिपाने के साथ साथ मधुमेह रोगियों में रक्त शर्करा को कम करते हैं और शरीर को संतुलित और स्वस्थ रखते हैं। इसमें मौजूद क्रोमियम शरीर के एलडीएल कोलेस्ट्रोल सामग्री को कम करके, ह्रदय स्वास्थ्य के लिए उपयोग किया जाता है जो बीटा अवरोधक के प्रभाव को बढ़ाता है।

पाचन के लिए

स्वास्थ्य शरीर में सही पाचन शक्ति की एक अलग ही भूमिका होती है। आंवले का प्रयोग व्यापक रूप से पाचन शक्ति को सुधारने और उसे शक्तिशाली बनाने के लिए किया जाता है। आंवले में बहुत अधिक फाइबर की मात्रा पाई जाती है जो आँतों के माध्यम से भोजन को ले जाने में मदद करता है और आपके मल त्याग को नियमित रखता है। फाइबर ढीली मल को भी बढ़ा सकता है और दस्त को कम कर सकता है।

दिल के लिए

आंवले का सेवन ह्रदय की मांसपेशियों को मजबूत करता है। इसका सेवन दिल को स्वस्थ रखने का अति सरल उपाय है। यह मधुमेह को दूर करता है और आपकी जिन्दगी को मधुमय बनाता है। इसके साथ ही यह रक्तचाप को नियंत्रित रखता है। इसका नियमित सेवन करने से दिल के दौरे का खतरा कम रहता है।

अतिरिक्त कोलेस्ट्राल बिल्डअप को कम करने से आंवले में मौजूद क्रोमियम आथरोस्क्लेरोसिस की संभावना को कम कर सकता है। इसके साथ ही जहाजों और धमनियों में पट्टिका के निर्माण को कम करने में भी सहायक होता है।

लोहे की सामग्री नए लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण को बढ़ावा देती है। रक्त वाहिकाओं और धमनियों को साफ़ करते हुए नए विकास और पुनर्जन्म को अधिकतम करने के लिए परिसंचरण और अंगों और कोशिकाओं को बढ़ाता है।

बालों के लिए

आंवले का प्रयोग बाल के टानिकों में किया जाता है क्योंकि इससे न केवल बालों का विकास होता है बल्कि इससे झड़ते हुए बालों में भी मजबूती आती है। यह रुसी और गंजापन का शत्रु होता है और साथ ही यह सफेद बालों से भी राहत प्रदान करवाता है। अपने बालों को मजबूत करने और उन्हें चमकदार बनाने के लिए आंवले के रस में तिल का तेल मिलकर मिश्रण तैयार करें और उन्हें अपने बालों पर लगाएं।

नाखूनों के लिए

आंवला स्वस्थ और मजबूत नाख़ून बनाये रखने में मदद करता है। आंवले का नियमित रस पीने से नाखूनों में मजबूती आती है। देखा जाएं तो आंवले के रस का सेवन बालों से लेकर पैर के नाखूनों तक फायदेमंद होता है।

बुढापे की गति को कम करने के लिए

बुढापा आना एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। जिसे कोई भी नहीं रोक सकता। लेकिन अगर आप आंवले का सेवन नियमित रूप से करते हैं तब आप इसकी गति को आसानी से कम कर सकते हैं। इसके इलावा नहाने के पानी में आंवला मिलाकर स्नान करने से भी यौवन अनुरक्षण करने में सहायता मिलती है।

मासिक धर्म में

आंवले में कुछ ऐसे खनिज और विटामिन मौजूद होते हैं जो मासिक धर्म की ऐंठन में बहुत ही उपयोगी सिद्द होते हैं।

चमकती त्वचा के लिए

चमकती एंव स्वस्थ त्वचा बाह्य सौन्दर्य की सबसे महत्वपूर्ण निर्धारक है। इससे न केवल त्वचा साफ़ होती है बल्कि यह दाग, मुंहासे, झुर्रियों आदि को दूर करने में भी सहायक होता है। इसके लिए नियमित रूप से दो चम्मच आंवला रस के पियें या फिर त्वचा पर आंवला रस लगाएं।

रक्त को शुद्द करने के लिए

आंवला जूस का नियमित सेवन करने से रक्त शुद्ध होता है और साथ ही रक्त संबंधी विकार भी दूर होते हैं।

आंवले के दुष्प्रभाव

आंवले  बहुत से गुण मौजूद होते हैं जो हमारी सेहत के लिए लाभकारी होते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं गुणों से भरपूर आंवले में भी कई साइड इफ़ेक्ट होते हैं। जबकि अध्ययनों में किसी प्रकार के जहरीले या कठोर, नकरात्मक प्रभावों की रिपोर्ट नहीं मिली है। लेकिन जब आप आंवले का सेवन जरूरत से अधिक करते हो तब आपको इसके दुष्परिणामों से गुजरना पड़ता है। आइये जानते हैं आंवले के दुष्प्रभाव के बारे में।

  • इसकी शीतलता की वजह से यह खासी और सर्दी के ट्रिगर पर बुरा प्रभाव डालता है। इसके इस प्रभाव को कम करने के लिए आप इसका सेवन काली मिर्च या शहद के साथ कर सकते हैं।
  • इससे आपका कब्ज खराब हो सकता है यदि आप इसका सेवन पानी के साथ न करें तो।
  • आंवले का सेवन मधुमेह की दवा के साथ हस्तक्षेप कर सकता है। इसका आचार रक्तचाप के लिए हानिकारक हो सकता है।
  • आंवले का सेवन त्वचा की नमी को कम कर सकता है इसलिए इसके साथ भरपूर मात्रा में पानी का सेवन करना महत्वपूर्ण है।
  • इसमें उच्च मात्रा में फाइबर की मात्रा पाई जाती है। जिसके कारण डायरिया की समस्या हो सकती है।
  • हाइपोग्लिसेमिक लोगों को आंवले का उपयोग न करने की सलाह दी जाती है क्योंकि इससे उनकी स्वास्थ्य स्तिथि खराब हो सकती है।
  • अधिक मात्रा में आंवले का सेवन करने से गर्भवती महिला के पाचन पर असर पड़ सकता है।

अत: आवले का सेवन करने से पहले उसके दुष्प्रभावों और सावधानियों को जरुर जान लें। ह्रदय रोग से संबंधित रोगी इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह आवश्य लें। एक स्वस्थ व्यक्ति दिन में दो से तीन आंवले का सेवन कर सकता है और अगर वो इसका रस पीना चाहता है तो एक चम्मच उसके लिए सही है। आंवला खाने का सबसे अच्छा तरीका है कि इसे खाली पेट सुबह खाएं।

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