एलर्जी होने का लक्ष्ण कारण और उपचार

एलर्जी एक सामान्य और आम समस्या है जिसका असर इंसान को बदलते मौसम के अनुसार होता रहता है। एलर्जी की कई वजह होती हैं जैसे अधिक दवाईयों का सेवन करना, घर के पालतू जानवरों की वजह से, धूल मिट्टी, पेड़ पौधे या अन्य खाने पीने वाली चीजों आदि से हो सकता है। इसके अलावा भी कई और अन्य कारण भी है जो एलर्जी की समस्या को पैदा करते हैं वो इस प्रकार से हैं।
अधिक सौंदर्य वाली चीजों का प्रयोग करते रहने से।
फूलों को छूने से एलर्जी का होना, मांस, मछली, दही व दूध से भी एलर्जी हो सकती है।

आइये अब जानते हैं एलर्जी के मुख्य लक्षण क्या हैं वैदिक वाटिका आपको बता रही है

एलर्जी के प्रकार
स्किन की एलर्जी
नाक की एलर्जी
खाने की एलर्जी
सांस की एलर्जी
आंख में एलर्जी

एलर्जी के मुख्य लक्ष्णों के बारे में

खाल का लाल होना
खाना खाने में तकलीफ होना
गले में जलन और दर्द का होना
डायरिया और जी का मिचलाना
नाक का बंद होना
छिकें आना वो भी लगातार
फेफड़ों में जलन और सूजन का आना
कई बार एलर्जी से इंसान को दमा यानि अस्थमा की समस्या भी हो सकती है।
चकते पड़ना
लाल रंग के दाने होना
खुजली का अधिक होना
दानों पर खूजली की वजह से जलन और सूजन का हो जाना।

एग्जिमा को एलर्जी कहा जाता है। जब शरीर में खारिश होती है तब उससे पानी निकलता है जो फिर एलर्जी के रूप में सारे शरीर में फैलने लगता है।

एक सामाजिक रूप से अलग पड़ना
अक्सर जिस इंसान को एलर्जी होती है। उसे कई बार सामाजिक अवेलहना का भी शिकार होना पड़ता है। जब लोगों को लगता है कि आपको थोड़ी थोड़ी चीजों से एलर्जी हो जाती है तो वे आपसे एक दूरी बनाने लगते हैं। और आपको खुद हीनभावना से ग्रसित होने लगते हो।
लेकिन अब चिंता ना करें वैदिक वाटिका आपको बता रही है कैसे आप घरेलू नुस्खों को अपनाकर एलर्जी की समस्या से बच सकते हो।

दोस्तों अब जानते हैं एलर्जी से बचने के घरेलू नुस्खों के बारे में।

यदि आपको एलर्जी की समस्या बार बार या अधिक हो रही है तो आप चिकित्सक की सलाह पर अपने खून की जांच करवा लें। इससे यह पता चलता है कि आपको किस प्रकार की एलर्जी है।

एलर्जी दूर करने के वैदिक घरेलू उपाय
सबसे पहले आप अपने खान पान की आदतों को सुधारें जैसे तुरई, पोहा, उपमा, मुंग की दाल, लौक और सब्जियों के अलावा ताजे फलों का जूस और सूप का सेवन करें।
रोज दस पंद्रह मिनट का समय योग करने के लिए रखें।
हप्ते में एक दिन व्रत रखें। इस दिन आप नमक का सेवन ना करें। केवल फलाहर ही करें।

रात को साने से पहले त्रिफला चूर्ण का सेवन करें। त्रिफला खाने से एलर्जी रोग नहीं होता है। क्योंकि त्रिफला आपके पेट को साफ रखता है।

एलर्जी होने पर आप पानी में पोदीना, सौंफ और अदरक को उबाल लें और जब यह पानी गुनगुना हो जाए तो इसका सेवन दिन में दो से तीन बार कुछ दिनों तो नियमित करें। यह शरीर की गंदगी को दूर करता है और एलर्जी को खत्म करता है।

एक अंजीर और एक छुहारा रात में दूध के साथ उबाल कर पीएं।

खास तौर से सर्दियों में चव्यनप्राश का सेवन करें।

कपालभाती प्राणायाम रोज नियमित होकर करें।

घर के दरवाज और खिड़कियों का ज्यादा देर तक ना खोलें।

रात में बिस्तर को साफ करके सोएं।

आंखों पर काला चश्मा लगाकर कर ही धूप व धूल मिट्टी में जाएं।
पालतू जानवरों से दूर रहें।

घर में साफ सफाई पर अधिक ध्यान दें।

लौंग, अदरक, चार पत्ते तुलसी के, काली मिर्च और मिश्री का इस्तेमाल करके बनाई हुई हर्बल टी का सेवन करें।
नींबू के रस को थोड़े से नारियल तेल में मिलाएं और रात को सोने से पहले इसे
अपने चेहरे पर लगाएं। सुबह नीम के पानी से अपन चेहरा धो लें। इससे आपको स्किन की एलर्जी से राहत मिलेगी।

यदि आपकी एलर्जी इन घरेलू उपायों से भी ठीक ना हो रही हो तो आप चिकित्सक के पास जाएं और उनसे सलाह लेकर ही दवाओं का सेवन करें।
जहां तक बच्चों का सवाल है बच्चों को एलर्जी होने पर किसी प्रकार का घरेलू उपाय उनके साथ ना करें उन्हें सीधा चिकित्सक के पास ही ले जाएं।

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