कान की तकलीफ – अपनाएं यह 5 उपाय

कान के बीच का हिस्सा बहुत ही कोमल होता है जिससे इसमें बैक्टीरिया और वायरस का अटैक सबसे जल्द होता है जो कान के इन्फेक्शन की वजह बनता है। बड़ों की अपेक्षा बच्चों में ये इन्फेक्शन आमतौर पर देखने को मिलता है। इस इन्फेक्शन के फैलने के पीछे वैक्स का बनना, फूड एलर्जी, न्यूट्रिशन की कमी, बाहरी कोई एलर्जी जैसे कई कारण हो सकते हैं। जिसके चलते कान में दर्द, सुनने में तकलीफ, नींद न आना, सिरदर्द, बुखार, कान से पस निकलना, उलटी और डायरिया जैसी कई समस्याएं शुरू हो सकती हैं।  इस तरह की परेशानी होने पर पहले घर में मौजूद चीजों का इस्तेमाल करें, लेकिन अगर दर्द ज्यादा बढ़ तो तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं,

जानते हैं ऐसे ही कुछ घरेलू नुस्खों के बारे में….

 

 लहसुन

एंटी माइक्रोबॉयल गुण से भरपूर लहसुन कानदर्द का सबसे असरदार इलाज है। लहसुन से सिर्फ कान के दर्द को ही नहीं बल्कि बॉडी के किसी भी हिस्से में इन्फेक्शन संबंधी दिक्कतों को दूर किया जा सकता है।

इस्तेमाल

लहसुन का तेल बनाने के लिए उसकी कच्ची कलियों को सरसों तेल में सुनहरा होने तक भूनें। ठंडा होने पर इस तेल की 2-4 बूंदें कानों में डालें। 

इसके अलावा लहसुन की कलियों को पानी में 5-10 मिनट के लिए उबालें। इसे मैश करके इसमें हल्का सा नमक मिलाएं। मिक्सचर को किसी कपडे़ में बांधकर कान में डालें।

वैसे लहसुन की कच्ची कलियों को खाकर भी काफी हद तक इन्फेक्शन को दूर किया जा सकता है।

तुलसी

तुलसी की पत्तियां आयुर्वेदिक गुणों का खजाना होती हैं। मुंह के पिंपल्स, दाग-धब्बों, जख्म भरने से लेकर कान के दर्द तक को दूर करने में ये बहुत ही फायदेमंद हैं।

इस्तेमाल

तुलसी की पत्तियों को निचोड़कर उनका रस निकाल लें और इसे कानों में इन्फेक्शन वाले एरिया के आसपास लगाएं। ध्यान रहें, कानों के अंदर इनका रस न जाने पाएं।

तुलसी के पत्तों के रस को नारियल तेल के साथ मिलाएं। कॉटन की सहायता से इसे कान के अंदर डालें। दिन में कम से कम दो बार इसका इस्तेमाल करें।

प्याज

प्याज सिर्फ खाने का जायका बढ़ाने के लिए ही नहीं बल्कि कई रोगों की दवा के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। बालों गिरने की समस्या हो या गर्मियों से बचाव हर मर्ज की दवा का इलाज है प्याज। यहां तक कि कानों में दर्द के अलावा इन्फेक्शन की समस्या से भी  निजात दिलाता है प्याज।

इस्तेमाल

प्याज के छोटे-छोटे टुकड़ों को पानी के साथ 5 मिनट तक उबाल लें। थोड़ी देर ठंडा होने के बाद इसे इन्फेक्शन वाली जगह पर लगाएं। ध्यान रहे रस ज्यादा देर तक कानों में न रहें।

आम की पत्ती

आम की पत्तियों का इस्तेमाल भी कानों से संबंधित परेशानियों को दूर करने का कारगर फॉर्मूला है। इसकी नई और कोमल पत्तियों का इस्तेमाल जल्द असर करता है।

इस्तेमाल

आम की पत्तियों को निचोड़कर उनका रस निकालें और उसे हल्का गर्म करें। कॉटन बॉल की सहायता से रस को कानों के अंदर डालें। रस के अंदर जाते ही तुरंत आराम मिलता है।

गर्म पानी

बॉडी के किसी भी पार्ट में इन्फेक्शन होने पर गर्म पानी उसका सबसे बेहतरीन इलाज होता है। ये जर्म्स और बैक्टीरिया के असर को तुरंत खत्म करता है।

इस्तेमाल

गर्म पानी किसी बोतल में भरकर उसे कानों के पास चिपकाएं, जिससे उसकी हीट कानों तक पहुंचे। आप चाहें तो गर्म पानी में किसी साफ कपड़े को डुबोएं और इसका पानी निचोड़कर उसे कानों के अंदर डालें। इससे भी कानों के अंदर गर्माहट का अहसास मिलेगा और प्रॉब्लम से राहत।

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